खामेनेई के सीक्रेट मीटिंग का इंतजार...कंपाउंड में 30 बमों की बारिश, इजरायल-US ने ऐसे दिया मिशन को अंजाम

US-Israel Iran War : इजरायल के लड़ाकू विमानों ने खामेनेई की मौजूदगी वाली जगह पर करीब 30 बम गिराए। इसी जगह पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का निवास बताया जाता है। कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई इजरायल और अमेरिका के बीच मिलकर बनाई गई योजना का हिस्सा थी

अपडेटेड Mar 01, 2026 पर 2:53 PM
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अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग अब और भी भीषण हो गया है।

US-Israel Iran War: अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग अब और भी भीषण हो गया है। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए हैं।। इजरायली एयर फोर्स का कहना है कि, उसने अमेरिका के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में पिछले एक दिन में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए हैं। इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है।

गिराए गए 30 बम

जानकारी के मुताबिक, इजरायल के लड़ाकू विमानों ने खामेनेई की मौजूदगी वाली जगह पर करीब 30 बम गिराए। इसी जगह पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का निवास बताया जाता है। कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई इजरायल और अमेरिका के बीच मिलकर बनाई गई योजना का हिस्सा थी। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही इजरायली सेना को खामेनेई की मौजूदगी वाली जगह की जानकारी मिली, उसके बाद फाइटर जेट्स ने उस कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाते हुए बमबारी की। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इजरायल और अमेरिका की खुफिया एजेंसियां लंबे समय से ईरान के बड़े राजनीतिक और सैन्य नेताओं की संयुक्त बैठक का इंतजार कर रही थीं, ताकि एक साथ उन पर कार्रवाई की जा सके।


मीटिंग का था इंतजार

इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को आखिरकार शनिवार को ऐसी तीन अहम बैठकों की जानकारी मिली। इसी दौरान उन्हें अयातुल्ला अली खामेनेई की लोकेशन का भी पता चल गया। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस मौके को बेहद खास बताया है, जिसके चलते दिन के समय ही हमला किया गया। रिपोर्ट में अमेरिकी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वाशिंगटन के पास ऐसी खुफिया जानकारी थी, जिससे संकेत मिला कि इस्लामिक रिपब्लिक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हमले का आदेश दिए जाने से पहले ही अमेरिकी ठिकानों पर कार्रवाई करने पर विचार कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, इस जानकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले को और ज्यादा अहम बना दिया।

अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान में ज्वाइंट आर्मी ऑपरेशन शुरू किया था। इस ऑपरेशन के दौरान कई सैन्य ठिकानों, सरकारी दफ्तरों और देश की शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े कार्यालयों को निशाना बनाया गया। हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, रक्षा मंत्री आमिर नसरजादेह और कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर के ठिकाने भी शामिल बताए गए। 86 वर्षीय अली खामेनेई इस हमले में मारे गए। बाद में ईरान ने भी पुष्टि की कि बड़े पैमाने पर हुए अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों में सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। अधिकारियों ने इसे पिछले कई दशकों में ईरान की जमीन पर हुआ सबसे बड़ा हमला बताया है। घटना के बाद देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया।

इन हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी कि वह इस संयुक्त कार्रवाई के जवाब में पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। हालांकि, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को लेकर नई चेतावनी दी। यह बयान उस समय आया, जब ईरान ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका और इजरायल पर जवाबी हमला करने की बात कही थी। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका या इजरायल पर किसी तरह का हमला किया गया, तो ईरान को ऐसी ताकत का सामना करना पड़ेगा, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा।

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