अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग (US-Israel-Iran War) का आज 14वां दिन है। दोनों ओर से हमले लगातार तेज हो रहे हैं और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत करते हुए शंका जताई है कि ईरान को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मदद कर रहे हैं। वहीं, ट्रंप ने यूक्रेन को बोला कि ईरान के खिलाफ युद्ध में उनकी ज़रूरत अमेरिका को नहीं है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज करेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना पहले ही ईरान को काफी नुकसान पहुंचा रही है और आने वाले दिनों में ईरानी ठिकानों पर और भी कड़े हमले किए जाएंगे।
ईरान पर होगा बड़ा हमला - ट्रंप
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “हम अगले एक हफ्ते में उन पर बहुत जोरदार हमले करने वाले हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना लगातार ईरान के ठिकानों को निशाना बना रही है। हालांकि ट्रंप ने यह भी माना कि ईरान की मौजूदा सरकार को हटाना आसान नहीं होगा। उनके मुताबिक वहां की स्थिति जटिल है और कई तरह की चुनौतियां सामने हैं। मीडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि, जिन लोगों के पास हथियार नहीं हैं, उनके लिए यह एक बड़ी समस्या बन सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने जैसी स्थिति बन सकती है, लेकिन यह तुरंत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा देने का विकल्प खुला हुआ है।
ट्रंप ने यह भी साफ किया कि फिलहाल अमेरिका की कोई ऐसी योजना नहीं है जिसमें ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम पर कब्जा करने के लिए जमीन पर सेना तैनात की जाए। उनका कहना था कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने रूस की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन किसी न किसी रूप में ईरान की “थोड़ी-बहुत” मदद कर रहे होंगे। ट्रंप के मुताबिक यह उनका अंदाजा है कि रूस, ईरान को कुछ समर्थन दे सकता है। दरअसल, हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि मॉस्को ईरानी सरकार के साथ ड्रोन हमलों से जुड़ी नई रणनीतियां साझा कर रहा है। कहा जा रहा है कि इन रणनीतियों का इस्तेमाल खाड़ी क्षेत्र में मौजूद ठिकानों पर हमले के लिए किया जा सकता है। हालांकि इन खबरों की आधिकारिक तौर पर पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने इस मामले पर बोलते हुए कहा कि संभव है रूस को ऐसा लगता हो कि अमेरिका यूक्रेन की मदद कर रहा है, इसलिए वह भी ईरान को कुछ समर्थन दे रहा हो। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वह (पुतिन) ईरान की थोड़ी-बहुत मदद कर रहे होंगे। हां, मेरा अंदाज़ा यही है। और शायद उन्हें लगता है कि हम यूक्रेन की मदद कर रहे हैं, है ना?”