US Israeli Strikes Iran: इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में भयंकर तनाव के दौर से गुजर रहा है। दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर लगातार हमले जारी है। वहीं मंगलवार को इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर बड़ा हमला किया है। ईरान में नए सुप्रीम लीडर के चुनाव की प्रक्रिया के बीच इजराइल ने कोम शहर में हवाई हमला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की उस इमारत को निशाना बनाया गया, जहां वरिष्ठ धार्मिक गुरु इकट्ठा हुए थे। इजरायली एयर फोर्स ने मंगलवार को ईरान के कोम शहर में एक इमारत पर हमला किया। इस इमारत में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स से जुड़े दफ्तर मौजूद थे।
बता दें कि, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ईरान की एक अहम धार्मिक संस्था है, जो सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद नए सर्वोच्च नेता के चयन की जिम्मेदारी निभाती है। इस संस्था में 88 वरिष्ठ धार्मिक नेता शामिल होते हैं, जिन्हें देश के शीर्ष शिया धर्मगुरु को चुनने का अधिकार होता है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल और अमेरिका के हमलों में उस इमारत को निशाना बनाया गया, जहां नए नेता के चयन से जुड़ा काम होता है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने आरोप लगाया कि “अमेरिकी-जायोनी ताकतों” ने तेहरान के दक्षिण में स्थित कोम में इस भवन पर हमला किया। स्थानीय चैनलों पर दिखाई गई तस्वीरों में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा हुआ नजर आया।
द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम लीडर के उत्तराधिकारी को चुनने के लिए बनाई गई काउंसिल की इमारत भी हालिया हमलों में निशाने पर थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हमलों से जुड़े वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ हमले और तेज करने की चेतावनी दी है। चौथे दिन भी दोनों पक्षों के बीच तनाव और सैन्य कार्रवाई जारी है।
ईरान के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि दुश्मन को लगातार जवाबी हमलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका और इज़राइल के लिए हालात और मुश्किल होते जाएंगे। वहीं इजरायली बचाव दल और पुलिस के अनुसार, ईरान की ओर से दागी गई ताजा मिसाइलों में कम से कम सात लोग घायल हुए हैं। इन हमलों का असर तेल अवीव और मध्य इजरायल के कई इलाकों में देखा गया। दूसरी तरफ, ईरानी रेड क्रिसेंट का कहना है कि अमेरिका और इज़राइल के हमले शुरू होने के बाद से अब तक देशभर में 780 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।