US Embassy Saudi Arabia: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध अब और भी भयानक मोड़ ले चुका है। सऊदी अरब पर ईरान के लगातार होते जवाबी हमलों को देखते हुए अमेरिका ने अपने दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दिया है। रविवार देर रात अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर एक नई 'ट्रैवल एडवायजरी' जारी की।
विभाग ने आदेश दिया है कि 'सुरक्षा जोखिमों के कारण' सऊदी अरब में मौजूद गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारी और उनके परिजन तुरंत वहां से निकल जाएं। आम अमेरिकियों को भी सऊदी अरब की यात्रा पर 'पुनर्विचार' करने की सलाह दी गई है। हालांकि, अभी पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन स्थिति को बेहद गंभीर बताया गया है।
सऊदी में ईरानी हमलों का तांडव
यह आदेश पिछले एक हफ्ते में सऊदी अरब पर हुए ताबड़तोड़ हमलों के बाद आया है। पिछले हफ्ते रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन गिरे थे, जिससे दूतावास की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा था। रविवार को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सऊदी अरब के अल-खर्ज (Al Kharj) प्रांत में रडार सिस्टम और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं।
हमलों में आम लोग बन रहे निशाना
सऊदी अरब पर हुए इन हमलों में आम नागरिकों की जान जा रही है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, अल-खर्ज में एक मिसाइल गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। मारे गए दो लोगों में से एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल है। इस खबर ने सऊदी अरब में रह रहे करीब 25 लाख भारतीयों के बीच चिंता की लहर पैदा कर दी है।
ईरान का कहना है कि वह अमेरिका और इजरायल द्वारा उसके परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों का बदला ले रहा है। ईरान अब उन सभी देशों को निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं या जिन्होंने अमेरिका को समर्थन दिया है। सऊदी अरब, जो अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी है, अब इस जंग के सीधे निशाने पर है।