होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी करेगा अमेरिका! ट्रंप बोले- ईरान को टोल देने वाली जहाजों को नहीं गुजरने देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी का ऐलान किया है। ईरान को टोल देने वाले जहाजों पर सख्ती होगी। इस कदम से तेल सप्लाई, ग्लोबल ट्रेड और बाजार पर असर पड़ सकता है। आगे हालात और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 8:37 PM
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ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने का वादा किया था, लेकिन उसे निभाया नहीं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को बड़ा फैसला लेते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी नौसेना से नाकेबंदी कराने का आदेश दिया है। यह कदम तब उठाया गया, जब पाकिस्तान में हुई बातचीत के दौरान ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने से साफ इनकार कर दिया।

ट्रंप ने कहा कि जो भी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे रोका जाएगा और जांच की जाएगी। इसमें खासकर पर उन जहाजों पर नजर रखी जाएगी, जिन्होंने ईरान को टोल दिया है। जो जहाज ईरान को टोल देंगे, उन्हें अमेरिका सुरक्षित रास्ता नहीं देगा। इसका मकसद ईरान की आर्थिक ताकत करना है। कम की जाएगी। अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। जरूरत पड़ने पर युद्ध खत्म करने के लिए कार्रवाई करेगा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी का आदेश


ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने का वादा किया था, लेकिन उसे निभाया नहीं। इसी वजह से अमेरिका ने इस अहम समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही रोकने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि यह रास्ता दुनिया के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

ईरान पर गंभीर आरोप

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि ईरान ने जानबूझकर वादा तोड़ा। इससे दुनियाभर में चिंता और अस्थिरता बढ़ी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। ऐसे में जहाज मालिकों के लिए वहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। ट्रंप के मुताबिक इससे ईरान की साख को भी बड़ा नुकसान हुआ है।

अमेरिका की सख्त चेतावनी

ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिकी नौसेना अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आने-जाने वाले जहाजों को रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने ईरान के जहाजों से पैसे लेने की बात को 'दुनिया से जबरन वसूली' बताया।

ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर किसी ने अमेरिकी जहाजों या शांतिपूर्ण जहाजों पर हमला किया, तो 'उन्हें नर्क में भेज दिया जाएगा'। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस कार्रवाई में दूसरे देश भी अमेरिका के साथ आ सकते हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि जो जहाज ईरान को 'गैरकानूनी शुल्क' देंगे, उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।

परमाणु मुद्दे पर अड़ी रही ईरान

ट्रंप के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच करीब 20 घंटे बातचीत चली। ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन सबसे अहम मुद्दे यानी परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं हो सका। उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत कभी नहीं दी जाएगी।

पहले से ही तनावपूर्ण हैं हालात

पिछले कुछ हफ्तों से हालात पहले ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से इस इलाके में स्थिति बिगड़ी हुई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज कई हफ्तों से प्रभावित रहा है और जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है।

सैन्य गतिविधियां भी तेज

शनिवार को अमेरिकी सेना ने बताया कि उसके दो युद्धपोत इस रास्ते से गुजरे और बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान शुरू किया गया है।

यह साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है। इसका असर कच्चे तेल, व्यापार और शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

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