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Donald Trump: 'मोदी मुझसे खुश नहीं है', ट्रंप ने अब भारत को लेकर किया ये बड़ा दावा

भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के अपने फैसले का बचाव किया है। भारत का कहना है कि ऊर्जा से जुड़े फैसले देश के राष्ट्रीय हित में लिए जाते हैं, ताकि आम लोगों को सस्ती और सुरक्षित आपूर्ति मिल सके। भारत ने यह भी साफ किया है कि वह अपनी रणनीतिक और आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी देशों के साथ सहयोग जारी रखेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 06, 2026 पर 10:49 PM
Donald Trump: 'मोदी मुझसे खुश नहीं है', ट्रंप ने अब भारत को लेकर किया ये बड़ा दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके नरेंद्र मोदी के साथ रिश्ते बहुत अच्छे हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि उनके नरेंद्र मोदी के साथ रिश्ते बहुत अच्छे हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगने वाले ऊंचे टैरिफ की वजह से प्रधानमंत्री मोदी उनसे खुश नहीं हैं। ट्रंप ने कहा, “मेरे प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन भारत रूसी तेल खरीद रहा है, इसलिए उस पर ज्यादा टैरिफ लग रहा है और इसी बात से वह मुझसे नाराज हैं।”

रूस से तेल खरीदने को लेकर चेतावनी 

वहीं, भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के अपने फैसले का बचाव किया है। भारत का कहना है कि ऊर्जा से जुड़े फैसले देश के राष्ट्रीय हित में लिए जाते हैं, ताकि आम लोगों को सस्ती और सुरक्षित आपूर्ति मिल सके। भारत ने यह भी साफ किया है कि वह अपनी रणनीतिक और आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी देशों के साथ सहयोग जारी रखेगा।

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान उस चेतावनी के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर भारत रूसी तेल के आयात को लेकर अमेरिका की चिंताओं को दूर नहीं करता है, तो अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ और बढ़ा सकता है। ट्रंप ने पहले कहा था, “वे मुझे खुश करना चाहते थे। नरेंद्र मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं और मुझे खुश करना जरूरी था।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत हमारे साथ व्यापार करता है और अगर जरूरत पड़ी तो हम बहुत जल्दी उस पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।”

अमेरिका भारत के साथ अपने व्यापार घाटे को कम करना चाहता है। इसी कोशिश के तहत अमेरिका ने पिछले साल भारतीय सामानों पर आयात टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। अमेरिका ने इसकी वजह भारत द्वारा बड़ी मात्रा में रूसी कच्चा तेल खरीदना बताया था। हालांकि भारत और अमेरिका के बीच एक संभावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन यह बातचीत अब तक सुचारु और बराबरी वाली नहीं रही है। साल 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत रियायती दरों पर मिलने वाले रूसी समुद्री कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया। अमेरिका ने इस पर नाराज़गी जताई है, क्योंकि वह रूस की ऊर्जा से होने वाली कमाई को सीमित करना चाहता है।

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