US-Iran Tensions: जल्द हो सकती है ट्रंप-खामेनेई की मुलाकात! मार्को रूबियो बोले- 'समस्या सुलझाने के लिए किसी से भी मिल सकते हैं राष्ट्रपति'

US-Iran Tensions: मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि अगर कल अयातुल्ला खामेनेई मुलाकात का प्रस्ताव रखते हैं, तो राष्ट्रपति ट्रंप पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रंप, खामेनेई के विचारों से सहमत हैं, बल्कि वह मानते हैं कि दुनिया की उलझनों को सुलझाने का यही एकमात्र रास्ता है'

अपडेटेड Feb 15, 2026 पर 7:41 AM
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रूबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से मिलने के लिए तैयार हैं

Trump-Khamenei Meet: बीते कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। एक तरफ जहां ट्रंप सैन्य कार्रवाई की धमकी देते हैं वही दूसरी तरफ ईरान उन्हें कड़ा जवाब देने की बात करता है। इसी बीच म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के मंच से अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान के प्रति एक चौंकाने वाला कूटनीतिक संकेत दिया है। रूबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से मिलने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, ट्रंप बातचीत को कोई 'रियायत' नहीं, बल्कि वैश्विक समस्याओं को सुलझाने का एक 'औजार' मानते हैं।

'बातचीत का मतलब सहमति नहीं': रूबियो

ब्लूमबर्ग के साथ बातचीत में मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि अगर कल अयातुल्ला खामेनेई मुलाकात का प्रस्ताव रखते हैं, तो राष्ट्रपति ट्रंप पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रंप, खामेनेई के विचारों से सहमत हैं, बल्कि वह मानते हैं कि दुनिया की उलझनों को सुलझाने का यही एकमात्र रास्ता है।' रूबियो ने यह भी साफ किया कि ट्रंप प्रशासन तेहरान के साथ तनाव बढ़ाने के बजाय एक बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहता है। हालांकि, उन्होंने खाड़ी में दूसरे अमेरिकी विमानवाहक पोत की तैनाती को 'बचाव का तरीका' बताया ताकि ईरान किसी तरह की सैन्य हिमाकत न करे।


'पश्चिम के पतन के चौकीदार नहीं बनेंगे'

ईरान के अलावा रूबियो ने यूरोप और अमेरिका के रिश्तों पर भी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि यूरोप समृद्ध हो क्योंकि दोनों की सभ्यता, ईसाई धर्म और संस्कृति की जड़ें एक ही हैं। लेकिन उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वाशिंगटन सिर्फ 'पश्चिम के प्रबंधित पतन का विनम्र चौकीदार' बनकर नहीं रहना चाहता। उन्होंने यूरोपीय नेताओं को अवैध प्रवासन जैसी आंतरिक कमजोरियों से निपटने की सलाह दी, जिसे वह समाज की एकजुटता के लिए खतरा मानते हैं।

यूक्रेन को लेकर रूस की नई कूटनीतिक चाल

यूक्रेन युद्ध पर रूबियो ने एक महत्वपूर्ण आकलन पेश किया। उनका मानना है कि पुतिन की महत्वाकांक्षाएं अब शायद सिमट रही हैं और रूस का पूरा ध्यान अब डोनेट्स्क क्षेत्र के उन 20 प्रतिशत हिस्सों पर कब्जा करने पर है जो अभी उसके नियंत्रण में नहीं है। रूबियो के इस संबोधन के दौरान जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और यूके के पीएम कीर स्टारमर जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद थे, जिन्होंने यूरोप की स्वायत्तता और रक्षा पर जोर दिया।

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