मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जंग बीते एक महीने से जारी है। फिलहाल ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच सीजफायर के आसार करीब नजर नहीं आ रहे हैं। ईरान लगातार अरब देशों में अमेरिका-इजरायल के ठिकानों पर हमले कर रहा है। इस बीच अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने मंगलवार को ईरान से जारी जंग को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ इस जंग में अब अमेरिका और भी बड़े बमों का इस्तेमाल करने जा रहा है। यानी बीते 31 दिनों से जारी ये जंग और भी भीषण होते दिख रहा है।
'अब और बड़े बमों का होगा इस्तेमाल...'
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, “मुझे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में तैनात हमारे सैनिकों से मिलने का मौका मिला। वहां मैंने एक प्राइवेट फर्स्ट क्लास सैनिक को देखा, जो पूरे आत्मविश्वास के साथ अधिकारियों से भरे कमरे में दुश्मन की मिसाइल के रास्ते के बारे में समझा रहा था। सभी लोग पूरी तरह ध्यान लगाकर उसे सुन रहे थे। उस दौरान दुश्मन की दो मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया गया।” उन्होंने आगे बताया, “शाम के समय, जब रनवे पर मैं एक जूनियर एयरमैन से मिला। मैंने उससे पूछा कि उसे किस चीज़ की जरूरत है, तो उसने मुस्कुराते हुए कहा—‘हमें और ज्यादा और बड़े बम चाहिए।’ हम उसकी यह मांग पूरी करेंगे।”
पीट हेगसेथ ने कहा कि, वहां हर सैनिक में मिशन को जल्दी पूरा करने और जीत हासिल करने की जबरदस्त इच्छा दिखी। कोई भी अपनी अगली ड्यूटी का इंतजार नहीं कर रहा था, बल्कि सभी तेजी से आगे बढ़कर सफलता हासिल करना चाहते थे। उन्होंने यह भी बताया कि जिस क्रू चीफ के साथ वे उड़ान पर गए थे, उसने कहा, “पिछले कुछ हफ्ते काफी व्यस्त और कठिन रहे हैं, लेकिन मुझे इस काम के लिए चुने जाने पर गर्व है। यह लड़ाई पहले ही शुरू हो जानी चाहिए थी। हमें अपने बच्चों के भविष्य के लिए इस समस्या का समाधान करना होगा। हम अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते। कृपया हमारी तरफ से राष्ट्रपति को धन्यवाद जरूर कहिए।”
होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा बयान
वहीं जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगा। देशों को खुद ही अपने हालात संभालने होंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ब्रिटेन जैसे देश जो होर्मुज स्ट्रेट से फ्यूल नहीं ले पा रहे हैं, उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए क्योंकि अमेरिका के पास इसकी कोई कमी नहीं है। ट्रंप ने कहा कि अगर देश चाहें, तो हिम्मत दिखाएं और खुद होर्मुज स्ट्रेट जाकर तेल ले लें। अमेरिका उनकी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे वे अमेरिका की मदद के लिए नहीं आए। अब बाकी देश खुद जाकर अपना तेल ले सकते हैं।