US को 800 मिलियन डॉलर का नुकसान, 3 हफ्ते में बेकाबू हुई जंग, ईरान ने अमेरिका को दिया 6600 करोड़ का झटका!

Middle East War: ईरान ने अपने हमलों में अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम को निशाना बनाया, जो जॉर्डन, UAE और अन्य अहम जगहों पर मौजूद हैं। जॉर्डन में एक एयरबेस पर लगा AN/TPY-2 रडार सिस्टम भी निशाने पर आया, जिसकी कीमत करीब 485 मिलियन डॉलर बताई जाती है

अपडेटेड Mar 22, 2026 पर 2:18 PM
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Middle East War: ईरान ने अमेरिका को दिया 6600 करोड़ का झटका

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब तीसरे हफ्ते में पहुंच गई है और अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका, इजरायल या ईरान पीछे हटने को तैयार हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने सिर्फ पहले दो हफ्तों में ही अमेरिका के सैन्य ठिकानों को करीब 800 मिलियन डॉलर (लगभग 6,600 करोड़ रुपए) का नुकसान पहुंचाया है। यह नुकसान खासकर उस समय हुआ, जब अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई की।

अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले

ईरान ने अपने हमलों में अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम को निशाना बनाया, जो जॉर्डन, UAE और दूसरी अहम जगहों पर मौजूद हैं।


जॉर्डन में एक एयरबेस पर लगा AN/TPY-2 रडार सिस्टम भी निशाने पर आया, जिसकी कीमत करीब 485 मिलियन डॉलर बताई जाती है। यह सिस्टम लंबी दूरी की मिसाइलों को पकड़ने में बहुत अहम माना जाता है।

इसके अलावा, अमेरिका के सैन्य ठिकानों की इमारतों और दूसरे स्ट्रक्चर को भी करीब 310 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, कुवैत, कतर और सऊदी अरब के कई एयरबेस पर बार-बार हमले हुए।

इस जंग में अब तक अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है। कुल मिलाकर इस संघर्ष में करीब 3200 लोगों की जान गई है, जिनमें लगभग 1400 आम नागरिक शामिल हैं।

अमेरिका को बड़ा सैन्य नुकसान

ईरान ने अमेरिका के कई महंगे विमान और ड्रोन को भी नुकसान पहुंचाया है। कुल 16 अमेरिकी विमान प्रभावित हुए, जिनमें 12 MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं, जिनकी कीमत करीब 56.5 मिलियन डॉलर प्रति ड्रोन होती है।

  • 3 F-15 फाइटर जेट कुवैत में “फ्रेंडली फायर” में नष्ट हुए
  • एक KC-135 टैंकर विमान इराक में क्रैश हुआ, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई
  • एक और KC-135 को भी नुकसान पहुंचा
  • 19 मार्च को एक F-35 स्टील्थ फाइटर को भी निशाना बनाया गया

वहीं, इजरायल ने भी अपने कई ड्रोन खोए हैं। दोनों देशों को मिलाकर कुल 28 विमानों का नुकसान हुआ है।

महंगे रडार सिस्टम भी हुए तबाह

ईरान ने अमेरिका के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को कमजोर करने के लिए महंगे रडार सिस्टम को निशाना बनाया।

THAAD सिस्टम से जुड़े 4 तक रडार प्रभावित हुए। हर रडार की कीमत 300 से 500 मिलियन डॉलर के बीच होती है

कतर के अल-उदीद एयरबेस पर लगा 1.1 बिलियन डॉलर का एडवांस रडार सिस्टम भी हमले में क्षतिग्रस्त हुआ।

USS Gerald R Ford पर आग

अमेरिका का सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R Ford 12 मार्च को आग लगने के कारण कुछ समय के लिए काम करने लायक नहीं रहा।

करीब 30 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। इस घटना की जांच चल रही है और इसमें साजिश या क्रू की थकान को वजह माना जा रहा है।

जंग का बढ़ता खर्च

यह जंग अमेरिका के लिए बेहद महंगी साबित हो रही है।

  • पहले 6 दिनों में ही 12 बिलियन डॉलर खर्च
  • 12 दिनों में खर्च बढ़कर 16.5 बिलियन डॉलर
  • रोजाना करीब 2 बिलियन डॉलर खर्च

एक टॉमहॉक मिसाइल की कीमत करीब 3.5 मिलियन डॉलर है और अब तक 300 से ज्यादा मिसाइलें इस्तेमाल हो चुकी हैं।

इस जंग को जारी रखने के लिए अमेरिका ने कांग्रेस से 200 बिलियन डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की मांग की है।

क्या दिखा इस जंग में?

इस युद्ध ने दिखा दिया कि आधुनिक और महंगे हथियार भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। ईरान ने कम खर्च में बड़े नुकसान पहुंचाकर अमेरिका और इजरायल की ताकत को चुनौती दी है।

जंग अभी जारी है और जैसे-जैसे यह आगे बढ़ेगी, इसका खर्च और नुकसान दोनों बढ़ते जाएंगे।

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