अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को आखिर डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर अपना फैसला सुना दिया। इस फैसले का इंतजार बीते कई हफ्तों से किया जा रहा था। अमेरिकी कोर्ट का यह फैसला जहां ट्रंप के लिए बड़ा झटका है वहीं दूसरे देशों के लिए राहत की खबर है। ट्रंप ने पहले दुनिया के कई देशों पर काफी ज्यादा रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था। बाद में समझौते के बाद टैरिफ में कमी की थी। फिर भी यह काफी ज्यादा था।
चीन, कनाडा, मैक्सिको जैसे देश राहत की सांस लेंगे
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से चीन, कनाडा, मैक्सिको जैसे देश राहत की सांस लेंगे, जिन पर ट्रंप ने काफी ज्यादा टैरिफ लगाया था। कोर्ट के फैसले से ट्रंप की मनमाना फैसले करने की आदत पर भी रोक लगेगी। कोर्ट के 20 फरवरी के फैसले में साफ तौर पर कहा गया है कि ट्रंप को टैरिफ लगाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी लेनी चाहिए थी। इससे अमेरिका में क्रांगेस की शक्ति पर मुहर लग गई है।
ट्रंप ने टैरिफ के लिए दूसरे तरीकों के इस्तेमाल का दिया संकेत
बताया जाता है कि ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह दूसरे देशों पर टैरिफ लगाए रखने के लिए दूसरे कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करेंगे। अगर ट्रंप ऐसा करते है तो इसका मतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ के उनके फैसले को रद्द करने के बाद भी दूसरे देशों को राहत नहीं मिलेगी। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
अमेरिका को नुकसान की धमकी दी थी
इससे पहले लोअर कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने यह कहा था कि ट्रंप ने दूसरे देशों पर टैरिफ लगाने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है। ट्रंप ने पहले यह धमकी दी थी कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ के उनके फैसले को रद्द किया तो अमेरिका को बड़ा नुकसान होगा। फिलहाल दुनिया की नजरें ट्रंप के अगले कदम पर लगी हैं।
भारत पर बदला था ट्रंप का रुख
जहां तक भारत की बात है तो फरवरी की शुरुआत में ट्रंप ने ऐसे दो फैसले किए थे, जो भारत के हित में थे। पहला, उन्होंने भारत पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया था। दूसरा, उन्होंने भारत के साथ अंतरिम व्यापार समझौते का ऐलान किया था। इस अंतरिम डील पर मार्च में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। दोनों देशों के प्रतिनिधि इसके फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
निर्यातकों को टैरिफ का रिफंड मिल सकता है
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के ट्रंप के टैरिफ को रद्द करने के बाद उन एक्सपोर्ट्स को रिफंड मिल सकता है, जिन्होंने अमेरिकी बाजार में अपने प्रोडेक्ट्स बेचने के लिए टैरिफ के रूप में काफी पैसा चुकाया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आगे किस तरह से लागू किया जाता है, इस पर भारत सहित दुनियाभर की नजरें लगी हैं।
स्टील, एल्युमीनियम सहित कुछ चीजों के टैरिफ पर असर नहीं
यह भी ध्यान में रखने वाली बात है कि ट्रेड एक्सपैंशन एक्ट 1962 के सेक्शन 232 के तहत लगाए गए टैरिफ पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा। इस सेक्शन के तहत स्टील, अल्युमीनियम और कुछ ऑटोमोबाइल्स पर लगाए गए टैरिफ बने रहेंगे। इंडिया के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला बहुत अहम है, क्योंकि इंडिया के लिए अमेरिका सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर्स में से एक है। 2024-25 में इंडिया ने अमेरिका को 86 अरब डॉलर से ज्यादा एक्सपोर्ट किया था।