Scott Bessent: गोल्ड मार्केट में क्यों आई सुनामी? अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया सोने की कीमतों में मची उथल-पुथल का असली राज

Scott Bessent On Gold Prices: भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं के बीच सोने ने रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी, लेकिन बेसेंट का मानना है कि यह मजबूती ठोस आधार पर नहीं बल्कि सट्टेबाजी पर टिकी थी

अपडेटेड Feb 09, 2026 पर 7:47 AM
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उन्होंने सोने के भाव में आई अप्रत्याशित तेजी के लिए सीधे तौर पर चीन के सट्टेबाजों को जिम्मेदार ठहराया है

Treasury Secretary Scott Bessent: पिछले हफ्ते सोने के भाव में आई 'सुनामी' ने सबको हैरान कर दिया। दुनिया भर के निवेशकों की नजरें इस समय सोने की चमक पर टिकी हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक न्यूज चैनल के साथ एक बातचीत में भाव में अचानक आई तेजी के पीछे के रहस्य से पर्दा उठाया है। उन्होंने सोने के भाव में आई अप्रत्याशित तेजी के लिए सीधे तौर पर चीन के सट्टेबाजों को जिम्मेदार ठहराया है। बेसेंट के मुताबिक, सोने की कीमतों में आई हालिया बेतहाशा तेजी और फिर अचानक आई गिरावट के पीछे चीन के बाजारों में जारी अनियंत्रित ट्रेडिंग गतिविधियां थीं। उन्होंने इसे एक 'क्लासिक स्पेकुलेटिव ब्लोऑफ' करार दिया, यानी एक ऐसा गुब्बारा जो सट्टेबाजी की हवा से फूलकर अचानक फट गया।

चीन में मार्जिन की सख्ती से फूटा सट्टेबाजी का 'गुब्बारा'

बेसेंट ने खुलासा किया कि चीन में सोने की ट्रेडिंग इतनी अनियंत्रित हो गई थी कि वहां के अधिकारियों को 'मार्जिन रिक्वायरमेंट्स' को कड़ा करना पड़ा। जब सट्टेबाजों के पास नकदी की कमी हुई, तो उन्होंने अपनी पोजीशन काटना शुरू किया, जिससे रिकॉर्ड स्तर पर चल रहा सोना अचानक धड़ाम हो गया। भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं के बीच सोने ने रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी, लेकिन बेसेंट का मानना है कि यह मजबूती ठोस आधार पर नहीं बल्कि सट्टेबाजी पर टिकी थी।


डॉलर की वापसी और Dow Jones ने छुआ '50,000' का ऐतिहासिक शिखर

सोने की इस गिरावट के बीच डॉलर ने अपनी खोई हुई ताकत फिर से हासिल कर ली है। जनवरी की शुरुआत के बाद यह पहला मौका है जब डॉलर ने साप्ताहिक बढ़त दर्ज की। दूसरी तरफ Dow Jones ने पहली बार 50,000 का जादुई आंकड़ा पार कर एक नया इतिहास रच दिया है। बेसेंट ने इसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रति निवेशकों के भरोसे का प्रतीक बताया। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले, वे इस रिकॉर्ड को एक ऐसे आर्थिक चक्र की शुरुआत मान रहे हैं जिससे आम अमेरिकियों को सीधा फायदा होगा।

दरों में कटौती पर फेडरल रिजर्व स्वतंत्रता से लेगा फैसला

फेडरल रिजर्व की नीतियों पर बात करते हुए बेसेंट ने संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक अपनी बैलेंस शीट को कम करने में जल्दबाजी नहीं करेगा और शायद अगले एक साल तक 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में रहेगा। सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब बेसेंट ने सीनेट की सुनवाई के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के उस 'मजाक' का बचाव किया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि अगर उनके नामित उम्मीदवार केविन वार्श ब्याज दरें कम नहीं करते, तो वे उन पर मुकदमा कर सकते है। हालांकि बेसेंट ने इसे एक चुटकुला बताया, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वार्श भले ही स्वतंत्र हों, पर उन्हें अमेरिकी जनता के प्रति जवाबदेह होना होगा।

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