Epstein Files Viral List: कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है। 14 फरवरी को अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा कांग्रेस को सौंपी गई एक रिपोर्ट के बाद सोशल मीडिया पर 300 से अधिक रसूखदार नामों वाली एक सूची वायरल हो रही है। इस लिस्ट में हॉलीवुड सितारों, दिग्गज राजनेताओं और यहां तक कि शाही परिवारों के ऐसे नाम शामिल हैं, जिनकी मौजूदगी ने सबको हैरान कर दिया है। आइए आपको बताते हैं लिस्ट में है किसका-किसका नाम।
वायरल लिस्ट में सेलिब्रिटी से लेकर धर्मगुरु तक
सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही इस अनवैरिफाइड लिस्ट में कुछ ऐसे नाम हैं जिनकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। इनमें प्रिंसेस डायना, पोप जॉन पॉल द्वितीय, मिशेल ओबामा, रॉबर्ट डी नीरो, जॉर्ज क्लूनी और बियॉन्से जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा एलॉन मस्क, बिल गेट्स, बराक ओबामा और डोनाल्ड ट्रंप जैसे हाई-प्रोफाइल नाम भी इस सूची का हिस्सा बताए जा रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि किसी का नाम लिस्ट में होने का मतलब यह कतई नहीं है कि वह किसी गलत काम में शामिल था।
हालांकि, अटॉर्नी जनरल पामेला जे. बोंडी द्वारा भेजी गई इस 6 पन्नों की चिट्ठी में साफ कहा गया है कि ये नाम अलग-अलग संदर्भों में फाइल्स में आए हैं। कुछ लोग ऐसे हैं जिनका एपस्टीन या उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के साथ सीधा ईमेल संपर्क था, जबकि कई अन्य लोगों का जिक्र सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स या तीसरे पक्ष के दस्तावेजों के हिस्से के रूप में आया है, जिनका एपस्टीन के अपराधों से कोई लेना-देना नहीं है।
'ट्रांसपेरेंसी एक्ट' के तहत जारी हुए 35 लाख दस्तावेज
यह खुलासा 'एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट' के तहत किया गया है, जिसके तहत अमेरिकी न्याय विभाग ने करीब 35 लाख दस्तावेज, 2,000 वीडियो और 1.8 लाख तस्वीरें जारी की हैं। हालांकि, इनमें से कई दस्तावेजों में सुरक्षा और निजता के कारणों से कांट-छांट की गई है। स्वतंत्र पत्रकार आरोन पारनास द्वारा साझा की गई इस चिट्ठी की सत्यता की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन इसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है।
सूची में शामिल नामों की विविधता चौंकाने वाली है। इसमें एक तरफ फिदेल कास्त्रो और मार्गरेट थैचर जैसे पूर्व नेता हैं, तो दूसरी तरफ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके परिवार के सदस्य भी बताए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यह लिस्ट असली हो या न हो, लेकिन इसने रसूखदार लोगों के बीच घबराहट पैदा कर दी है। फिलहाल, न्याय विभाग ने इस वायरल सूची पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है, जिससे संशय बरकरार है।