Vladimir Putin: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच साल 2022 से युद्ध जारी है। इसी बीच क्रेमलिन के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब अपने महलों में नहीं, बल्कि जमीन के सैकड़ों फीट नीचे बने अंडरग्राउंड बंकरों में अपनी जिंदगी बिता रहे हैं। इस खबर ने पूरी दुनिया के सुरक्षा विशेषज्ञों को सकते में डाल दिया है।
क्यों बंकर में छिपे हैं पुतिन?
रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (FSO) ने पुतिन की सुरक्षा को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यूक्रेन का 'ऑपरेशन स्पाइडरवेब' बताया जा रहा है। पिछले साल यूक्रेन ने 100 से ज्यादा ड्रोनों के जरिए रूस के आर्कटिक सर्कल तक स्थित एयरबेस को निशाना बनाया था। इस हमले ने यह साबित कर दिया कि पुतिन का कोई भी ठिकाना अब सुरक्षित नहीं है। सबसे दिलचस्प बात ये है कि, रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 की शुरुआत से ही पुतिन को अपनी ही सेना या राजनीतिक कुलीन वर्ग द्वारा तख्तापलट किए जाने का भी डर सता रहा है।
न फोन, न इंटरनेट 'डिजिटल ब्लैकआउट' में रह रहे पुतिन
पुतिन की सुरक्षा अब इतनी सख्त है कि उनके करीब रहने वाले कर्मचारियों की जिंदगी भी बदल गई है। पुतिन के रसोइए, फोटोग्राफर और बॉडीगार्ड्स अब सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल नहीं कर सकते। पुतिन के आसपास मोबाइल फोन या इंटरनेट से लैस किसी भी डिवाइस को ले जाना सख्त मना है। यहां तक कि स्टाफ के घरों में भी अब जासूसी कैमरे लगाए गए हैं। हाल के दिनों में मास्को में हुए इंटरनेट शटडाउन का एक बड़ा कारण पुतिन की सुरक्षा और ड्रोन विरोधी सिस्टम को सक्रिय रखना बताया जा रहा है।
कहां हैं पुतिन? लोकेशन पर बन हुआ है रहस्य
रिपोर्ट्स की मानें तो पुतिन अब मास्को या अपने प्रसिद्ध वालदाई (Valdai) आवास पर नहीं रहते। माना जा रहा है कि पुतिन दक्षिण रूस के क्रैस्नोडार (Krasnodar) क्षेत्र में स्थित एक विशाल अंडरग्राउंड बंकर से सरकार और युद्ध का संचालन कर रहे हैं। रूसी सरकारी मीडिया अक्सर पुतिन के पुराने या पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो चलाता है ताकि दुनिया को लगे कि सब कुछ सामान्य है, जबकि असल में वह हफ्तों तक बंकर से बाहर नहीं निकलते।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच जारी है 'शीत युद्ध'
इस बीच रूस के सुरक्षा प्रमुखों के बीच आपसी खींचतान भी बढ़ गई है। पिछले साल दिसंबर में लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव की हत्या के बाद से सुरक्षा एजेंसियां एक-दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगा रही हैं। पुतिन ने अब अपने खास 10 जनरलों को भी FSO की विशेष सुरक्षा घेरे में रहने का आदेश दिया है।