Aber Kawas: कौन हैं अबर कवास? न्यूयॉर्क की पहली फिलिस्तीनी-अमेरिकी और हिजाब पहनने वाली महिला बनीं स्टेट सीनेटर

US Midterm Elections 2026: अबर कवास (Aber Kawas) अमेरिका की उभरती हुई प्रगतिशील राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। फिलिस्तीनी मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कवास ने न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट के डिस्ट्रिक्ट-12 से चुनाव जीतकर अमेरिकी राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्हें पहली हिजाब पहनने वाली फिलिस्तीनी-अमेरिकी महिला के रूप में न्यूयॉर्क राज्य विधानमंडल के लिए चुने जाने का ऐतिहासिक गौरव हासिल हुआ है

अपडेटेड Nov 04, 2026 पर 1:52 PM
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US Midterm Elections 2026: न्यूयॉर्क की पहली फिलिस्तीनी-अमेरिकी और हिजाब पहनने वाली महिला बनीं स्टेट सीनेटर अबर कवास

US Midterm Elections 2026: अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में न्यूयॉर्क से एक ऐतिहासिक नतीजा सामने आया है। फिलिस्तीनी मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अबर कवास (Aber Kawas) ने न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट के डिस्ट्रिक्ट-12 का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ वह न्यूयॉर्क राज्य विधानमंडल के लिए चुनी जाने वाली पहली फिलिस्तीनी-अमेरिकी बन गई हैं। वह हिजाब पहनकर इस पद तक पहुंचने वाली पहली महिला भी हैं। 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की ओर से चुनाव में उनकी जीत घोषित किए जाने के समय करीब 90 प्रतिशत मतों की गिनती हुई थी। उन्हें लगभग 75 प्रतिशत वोट मिले थे। इस जीत के बाद कवास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "We made history" यानी "हमने इतिहास रच दिया।"

अबर कवास की जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं है। बल्कि अमेरिकी राजनीति में फिलिस्तीनी-अमेरिकी समुदाय और प्रगतिशील विचारधारा से जुड़े नेताओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी का भी संकेत है। उनके चुनाव अभियान का नारा था- 'Fund Dignity, Fight Destruction', जिसका अर्थ है सम्मानजनक जीवन के लिए संसाधन जुटाना और विनाश के खिलाफ लड़ाई लड़ना।

कौन हैं अबर कवास? फिलिस्तीनी परिवार में जन्म, 15 साल से सामाजिक कार्यों में सक्रिय


अबर कवास का जन्म और पालन-पोषण न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में हुआ। उनके माता-पिता फिलिस्तीनी हैं, जो 1990 के दशक में अमेरिका आकर बस गए थे। वह एक ऐसे परिवार से आती हैं जिसने अमेरिका में प्रवासी होने के कारण कई तरह की चुनौतियों का सामना किया। राजनीति में आने से पहले कवास ने 15 साल से अधिक समय तक सामाजिक कार्यकर्ता और आयोजक के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों, प्रवासी समुदायों के हितों और फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई।

उनका कहना है कि प्रवासी परिवारों को प्रभावित करने वाली नीतियों और सामाजिक असमानताओं को उन्होंने नजदीक से देखा है। उनके पिता को अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें जॉर्डन निर्वासित कर दिया था। उस समय वह हाईस्कूल में पढ़ती थीं। पिता के निर्वासन का उनके परिवार पर आर्थिक और मानसिक असर पड़ा।

पिता का निर्वासन बना जिंदगी का बड़ा मोड़

अबर कवास के जीवन की सबसे कठिन घटनाओं में से एक उनके पिता का अमेरिका से निर्वासन रहा है। इस घटना का पूरे परिवार पर गहरा असर पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई। उनकी मां के सामने बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी बढ़ गई। कवास ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पिता के जाने के बाद उनके भाई-बहनों को भी कम उम्र में काम करना पड़ा, ताकि घर का खर्च चलाने में मां की मदद की जा सके।

उनके अनुसार, किसी व्यक्ति को उसके परिवार से अलग करना केवल एक कानूनी कार्रवाई नहीं होती, बल्कि इससे पूरे परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति प्रभावित होती है। यही वजह है कि प्रवासियों के अधिकार और परिवारों को अलग होने से बचाना उनके राजनीतिक एजेंडे के महत्वपूर्ण मुद्दे बने।

सामाजिक आंदोलनों से जुड़ी रहीं

कवास ने अपना अधिकांश शुरुआती सार्वजनिक जीवन चुनावी राजनीति के बजाय सामाजिक आंदोलनों में बिताया। उन्होंने कई अभियानों में काम किया, जिनमें प्रमुख हैं:-

  • Fight for 15: न्यूनतम सेलरी बढ़ाने और श्रमिकों को बेहतर आर्थिक स्थिति दिलाने का अभियान
  • Immigrant Rights: प्रवासी परिवारों को कानूनी सुरक्षा और सम्मान दिलाने की मुहिम।
  • Police Accountability: पुलिस की निगरानी और कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाना।
  • Palestinian Rights: फिलिस्तीनी लोगों के मानवाधिकारों और उनके अधिकारों के समर्थन में अभियान।

वर्ष 2017 में आया महत्वपूर्ण पड़ाव 

उनकी राजनीतिक सक्रियता का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साल 2017 में आया, जब उन्होंने न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल के चुनाव में फिलिस्तीनी मूल के पादरी और समाजवादी नेता खादेर अल-यातिम के अभियान में काम किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी से हुई। बाद में दोनों ने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर साथ काम किया।

'Fund Dignity, Fight Destruction' क्या है कवास के चुनावी नारे का मतलब?

अबर कवास ने अपने चुनाव प्रचार में 'Fund Dignity, Fight Destruction' को प्रमुख नारा बनाया था। इसके दो हिस्से उनके चुनावी एजेंडे को दर्शाते हैं।

Fund Dignity यानी सम्मानजनक जीवन के लिए संसाधन

  • सभी लोगों के लिए हेल्थ सेवाओं की उपलब्धता।
  • तेज और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था।
  • आम लोगों के लिए किफायती आवास।
  • श्रमिकों और निम्न आय वाले परिवारों के अधिकारों की रक्षा।

Fight Destruction यानी विनाश के खिलाफ लड़ाई

  • जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कदम।
  • प्रवासियों के अधिकारों की सुरक्षा।
  • युद्ध के लिए सरकारी धन उपलब्ध कराने का विरोध।
  • फिलिस्तीनी मानवाधिकारों के समर्थन में आवाज उठाना।

'Not On Our Dime' अभियान से मिली पहचान

अबर कवास फिलिस्तीनी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से एक्टिव रही हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने 'Not On Our Dime' नाम के अभियान को तैयार करने और शुरू करने में अहम भूमिका निभाई थी। इस अभियान का उद्देश्य न्यूयॉर्क में रजिस्टर्ड गैर-लाभकारी संस्थाओं (Nonprofits) को ऐसे संगठनों को आर्थिक सहायता देने से रोकना था, जो उनके अनुसार फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली बस्तियों और कब्जे को समर्थन देते हैं।

कवास और उनके सहयोगियों ने आरोप लगाया था कि अमेरिका में कुछ चैरिटी संस्थाएं कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों को समर्थन देने के लिए धन जुटा रही थीं। उन्होंने इसे मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने उस समय न्यूयॉर्क सिटी के असेंबली सदस्य रहे जोहरान ममदानी और स्टेट सीनेटर जबारी ब्रिसपोर्ट के साथ काम किया था। मई 2023 में इस मुद्दे पर विधेयक भी पेश किया गया था।

इस प्रस्तावित कानून का नाम 'Ending New York Funding of Israeli Settler Violence Act' था। हालांकि, विधायकों के विरोध के चलते यह विधेयक कानून नहीं बन सका। कवास ने इस अनुभव को अपने राजनीतिक सफर के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया ने उन्हें दिखाया कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपनी संवैधानिक और राजनीतिक स्थिति का इस्तेमाल मानवाधिकारों के मुद्दों को उठाने के लिए कर सकते हैं।

ICE के साथ सरकारी सहयोग खत्म करने की मांग

अबर कवास के चुनावी एजेंडे में प्रवासियों के अधिकार भी प्रमुख रहे हैं। वह न्यूयॉर्क में स्थानीय और राज्य एजेंसियों के ICE के साथ सहयोग को समाप्त करने की मांग करती रही हैं। इसके लिए वह 'New York For All Act' का समर्थन करती हैं। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राज्य और स्थानीय सरकारी एजेंसियों को संघीय नागरिक आव्रजन कार्रवाई में सहयोग करने से रोकना है।

कवास का कहना है कि जब किसी व्यक्ति को ICE हिरासत में लेता है या निर्वासित करता है, तो इसका असर केवल उस व्यक्ति पर नहीं पड़ता, बल्कि उसके पूरे परिवार की जिंदगी प्रभावित होती है। उन्होंने अपने पिता के निर्वासन का उदाहरण देते हुए बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चों के भविष्य पर इसका गहरा असर पड़ा था। उनके मुताबिक, आव्रजन कार्रवाई के कारण परिवारों के सामने आर्थिक संकट के साथ मानसिक और सामाजिक चुनौतियां भी खड़ी होती हैं।

जोहरान ममदानी, बर्नी सैंडर्स और रशीदा तलीब ने किया समर्थन

अबर कवास को चुनाव के दौरान अमेरिका के कई प्रमुख प्रगतिशील नेताओं का समर्थन मिला। इनमें न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी, अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स और कांग्रेस सदस्य रशीदा तलीब शामिल हैं। कवास डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका (DSA) की सदस्य हैं। यह संगठन अमेरिका में सामाजिक और आर्थिक समानता, सार्वजनिक सेवाओं और श्रमिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देता है। जोहरान ममदानी की न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद DSA से जुड़े उम्मीदवारों की राजनीतिक सक्रियता और चर्चा बढ़ी है। अबर कवास भी इसी संगठन से जुड़े उन उम्मीदवारों में शामिल थीं, जिन्होंने 2026 के चुनाव में हिस्सा लिया। उनकी जीत को न्यूयॉर्क में प्रगतिशील राजनीति के बढ़ते प्रभाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

नेतन्याहू के दौरे के खिलाफ प्रदर्शन में हुई थीं गिरफ्तार

फिलिस्तीनी अधिकारों को लेकर कवास कई बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख चुकी हैं। इस साल न्यूयॉर्क में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र महासभा दौरे के दौरान उनके विरोध में हुए प्रदर्शन में भी वह शामिल हुई थीं। इस प्रदर्शन के दौरान उन्हें कई अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। कवास ने इस प्रदर्शन में शामिल होने को महत्वपूर्ण अनुभव बताया। उनका कहना था कि फिलिस्तीनी मानवाधिकारों के समर्थन में निर्वाचित प्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का एक साथ आना उनके लिए खास था। उन्होंने यह भी कहा कि पहले ऐसा माहौल था, जिसमें फिलिस्तीनी अधिकारों की बात करना कई अमेरिकी नेताओं के लिए राजनीतिक रूप से जोखिम भरा माना जाता था।

NYPD और इजरायली कंपनी के AI निगरानी समझौते का किया विरोध

अबर कवास ने न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) और इजरायली निगरानी कंपनी Cognyte के बीच प्रस्तावित 7.5 लाख डॉलर के समझौते का भी विरोध किया था। यह समझौता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मोबाइल फोन ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी विकसित करने से संबंधित था। कवास का आरोप था कि इस तकनीक के इस्तेमाल से न्यूयॉर्क के नागरिकों की निजता और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय, फिलिस्तीनी समर्थक कार्यकर्ताओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की निगरानी को लेकर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि पुलिस को नागरिकों के मोबाइल फोन और निजी डेटा तक अधिक पहुंच मिलने से मानवाधिकारों से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। नागरिक अधिकार संगठनों के विरोध के बाद न्यूयॉर्क पुलिस विभाग ने इस समझौते से पीछे हटने का फैसला किया था।

US की राजनीति में फिलिस्तीनी-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भूमिका

अबर कवास की जीत अमेरिकी राजनीति में बदलते राजनीतिक प्रतिनिधित्व की एक महत्वपूर्ण घटना है। उनकी पहचान केवल एक फिलिस्तीनी-अमेरिकी नेता के रूप में नहीं, बल्कि प्रवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और फिलिस्तीनी मानवाधिकारों के मुद्दों पर सक्रिय आवाज के रूप में भी बनी है। उनकी जीत से यह भी स्पष्ट होता है कि स्थानीय और राज्य स्तर की राजनीति में समुदाय आधारित संगठनों और सामाजिक आंदोलनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है।

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अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट में पहुंचने के बाद कवास अपने चुनावी वादों को किस तरह आगे बढ़ाती हैं। साथ ही प्रवासी अधिकारों, किफायती आवास तथा सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर वह क्या कदम उठाती हैं।

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