Bangladesh: बांग्लादेश के कालीगंज में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। एक 55 वर्षीय हिंदू व्यापारी लिटन चंद्र दास की भीड़ ने फावड़े से पीट-पीटकर हत्या कर दी। लिटन 'बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल' के मालिक थे। शनिवार सुबह उनकी दुकान पर एक ग्राहक और कर्मचारी के बीच मामूली विवाद हुआ था। जब लिटन ने अपने कर्मचारी अनंत दास को बचाने के लिए बीच-बचाव किया, तो आक्रोशित भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया।
फावड़े से हमला कर उतारा मौत के घाट
स्थानीय सूत्रों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला पूर्व नियोजित नहीं बल्कि एक छोटी बहस के हिंसक रूप लेने का परिणाम था। लिटन दास को पहले लात-घूंसों से पीटा गया और फिर उन पर फावड़े से हमला किया गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में राजबाड़ी जिले के बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के पूर्व कोषाध्यक्ष अबुल हाशेम (55 वर्ष) और उनका ड्राइवर कमाल हुसैन (43 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ता हमला
बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा देखने को मिली है। लिटन दास की हत्या से कुछ ही समय पहले, 30 वर्षीय रिपन साहा की भी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। रिपन एक पेट्रोल पंप कर्मी थे, जिन्हें एक एसयूवी ने तब कुचल दिया जब उन्होंने बिना पैसे दिए भाग रही गाड़ी को रोकने की कोशिश की थी। लिटन दास की हत्या के बाद स्थानीय समुदाय में भारी रोष है। लोग अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।