ट्रंप के रक्षा मंत्री सेना अध्यक्ष से ही लड़ बैठे! ईरान युद्ध के बीच क्यों हटाए गए US आर्मी चीफ, ये है इनसाइड स्टोरी

अमेरिकी ब्रॉडकास्टर CBS ने पहले बताया था कि जनरल जॉर्ज से तुरंत रिटायरमेंट लेने को कहा गया है। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी। पेंटागन ने इस फैसले की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट में कहा गया कि हेगसेथ ऐसे आर्मी चीफ चाहते थे, जिनकी सेना को लेकर सोच उनकी और ट्रंप की सोच से मेल खाती हो

अपडेटेड Apr 03, 2026 पर 3:35 PM
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ईरान युद्ध के बीच ट्रंप ने US आर्मी चीफ को क्यों हटाया! रक्षा मंत्री से झगड़ा, अधिकारियों के प्रमोशन का मुद्दा या बात कुछ और

अमेरिकी सेना के चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को रक्षा सचिव पेट हेगसेथ के साथ तीखे झगड़े के बाद हटा दिया गया है। यह झगड़ा सीनियर अधिकारियों के प्रमोशन और सेना के फैसलों पर नियंत्रण को लेकर था, ऐसा मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है। झगड़ा इस बात का था कि जनरल जॉर्ज ने हेगसेथ के बार-बार दबाव के बावजूद सीनियर अधिकारियों की प्रमोशन को रोकने या रद्द करने से इनकार कर दिया। इसी वजह से दोनों के बीच दरार इतनी बढ़ गई कि आखिरकार जॉर्ज को हटना पड़ा।

अमेरिकी ब्रॉडकास्टर CBS ने पहले बताया था कि जनरल जॉर्ज से तुरंत रिटायरमेंट लेने को कहा गया है। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी। पेंटागन ने इस फैसले की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट में कहा गया कि हेगसेथ ऐसे आर्मी चीफ चाहते थे, जिनकी सेना को लेकर सोच उनकी और ट्रंप की सोच से मेल खाती हो।

ईरान युद्ध के दौरान हुई बर्खास्तगी


जनरल जॉर्ज की बर्खास्तगी एक बहुत संवेदनशील समय पर हुई है, क्योंकि अमेरिका अभी भी ईरान के साथ युद्ध में लगा हुआ है। हाल ही में युद्ध पर दिए गए एक भाषण में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ अपने लक्ष्यों को “पूरा करने के करीब” है। उन्होंने सेना की “बहुत बड़ी जीत” की तारीफ की।

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें एक सीनियर मिलिट्री अधिकारी को हटाया गया है। पेंटागन की टॉप लीडरशिप में बड़े पैमाने पर बदलाव चल रहा है।

गुरुवार को US मिलिट्री एकेडमी ने जनरल जॉर्ज की तस्वीरें शेयर कीं और कहा कि उन्होंने कैडेट्स को अपने अनुभव के आधार पर मार्गदर्शन दिया।

रक्षा सचिव के साथ झगड़ा

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हेगसेथ और जॉर्ज के बीच तनाव सेना की दिशा को लेकर कोई बुनियादी मतभेद नहीं था। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि असली समस्या हेगसेथ की सेना के प्रति पुरानी शिकायतें, अधिकारियों की नियुक्ति और प्रमोशन पर विवाद, और आर्मी सेक्रेटरी डेनियल पी. ड्रिस्कॉल के साथ उनका खराब रिश्ता था।

पिछले एक साल में जॉर्ज और ड्रिस्कॉल के बीच अच्छा कामकाजी रिश्ता बन गया था, जिससे रक्षा सचिव के साथ तनाव और बढ़ गया।

अधिकारियों की प्रमोशन पर विवाद

हेगसेथ ने जॉर्ज और ड्रिस्कॉल दोनों से चार आर्मी अधिकारियों को वन-स्टार जनरल (ब्रिगेडियर जनरल) के रैंक पर प्रमोशन देने से रोकने को कहा था। उन्होंने कई महीनों तक इन अधिकारियों को प्रमोशन लिस्ट से हटाने का दबाव डाला।

जॉर्ज और ड्रिस्कॉल दोनों ने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी लंबे समय से बेहतरीन सेवा दे रहे हैं।

मीटिंग से इनकार ने दरार बढ़ाई

न्यूयॉर्क टाइम्स ने आगे रिपोर्ट किया कि करीब दो हफ्ते पहले जनरल जॉर्ज ने हेगसेथ से मिलने की कोशिश की थी। वे अटकी हुई प्रमोशन और रक्षा सचिव की ओर से सेना के पर्सनल मामलों में 'गैर-जरूरी' दखलअंदाजी पर चर्चा करना चाहते थे।

लेकिन हेगसेथ ने इस मुद्दे पर उनसे मिलने से मना कर दिया, जिससे दोनों के बीच दरार और गहरी हो गई।

आर्मी चीफ के रूप में जॉर्ज का रिकॉर्ड

रैंडी जॉर्ज को 2023 में आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया था। उनके कार्यकाल में 2024 में सेना की भर्ती की सबसे बुरी संकट स्थिति से बाहर निकाला गया। उन्होंने सस्ते ड्रोन्स और दूसरे हथियारों की खरीद को तेज करने पर जोर दिया, जो यूक्रेन युद्ध में बहुत महत्वपूर्ण साबित हुए।

आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ का पद सामान्यत आमतौर पर 4 साल का होता है। जॉर्ज को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नामित किया था और सीनेट ने 2023 में पुष्टि की थी। वे सामान्य रूप से 2027 तक इस पद पर रहते।

चीफ के रूप में जॉर्ज ने “ट्रांसफॉर्मेशन इन कॉन्टैक्ट” नाम का कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें 3000 सैनिकों वाली ब्रिगेड को नए ड्रोन्स, नई रणनीतियां और AI बेस्ड टारगेटिंग सिस्टम आजमाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

लगभग 40 साल की सैन्य करियर में जॉर्ज ने इराक और अफगानिस्तान में कई बार ड्यूटी की। अफगानिस्तान में उन्होंने दूर-दराज के इलाकों से सैनिकों की वापसी की निगरानी की, जहां अमेरिकी सेना महंगे युद्ध लड़ रही थी। उन्होंने फोकस शहरों और आबादी वाले इलाकों की सुरक्षा पर शिफ्ट किया।

उन्होंने सैनिकों को भ्रष्ट अफगान अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए भी प्रेरित किया, जो आम लोगों के लिए खतरा बन रहे थे।

जॉर्ज पहले आर्मी के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके हैं और जो बाइडेन के समय में पूर्व पेंटागन चीफ लॉयड ऑस्टिन के सीनियर मिलिट्री असिस्टेंट भी थे।

कुछ और सीनियर अधिकारियों पर भी गिरी गाज

जनरल जॉर्ज अकेले नहीं हटाए गए। वाशिंगटन पोस्ट और CBS के अनुसार जनरल डेविड होडने और मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर को भी हटा दिया गया। होडने आर्मी के ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड के प्रमुख थे, जबकि ग्रीन आर्मी चैप्लेन कोर के प्रमुख थे।

ट्रंप के इस कार्यकाल में सीनियर मिलिट्री लीडर्स की बड़ी सफाई चल रही है।

फरवरी 2025 में ट्रंप ने बिना कोई वजह बताए जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल चार्ल्स “CQ” ब्राउन को हटा दिया था। दूसरे हटाए गए अधिकारियों में नेवी और कोस्ट गार्ड के प्रमुख, नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी के पूर्व चीफ, एयर फोर्स के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ, NATO में तैनात एक नेवी एडमिरल और तीन टॉप मिलिट्री वकील शामिल हैं।

पिछले साल हेगसेथ ने सक्रिय ड्यूटी पर तैनात 4-स्टार जनरलों और एडमिरलों की संख्या में कम से कम 20% की कटौती का आदेश दिया था, साथ ही कुल जनरल और फ्लैग अधिकारियों की संख्या में 10% कटौती भी की गई थी।

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