Stocks to Sell: आज घरेलू मार्केट में दिन भर काफी उतार-चढ़ाव रहा। हालांकि दिन के आखिरी में इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex और Nifty 50 बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। सेक्टरवाइज बात करें तो इनमें मिला-जुला रुझान रहा। अब इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो ब्रोकरेज ने तीन ऐसे शेयरों को फटाफट बेचने की सलाह दी है जो अलग-अलग सेक्टर के हैं। इनमें से एक सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी है, एक सीमेंट कंपनी है और एक फार्मा कंपनी है। ब्रोकरेज के मुताबिक इनके शेयर मौजूदा लेवल से 48 फीसदी टूट सकते हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स ने जिन तीन शेयरों-इंडिया सीमेंट्स (India Cements), एनबीसीसी (NBCC) और ग्लेनमार्क फार्मा (Glenmark Pharma) को बेचने की सलाह दी है, वे सभी आज रेड जोन में बंद हुए हैं।
इंडिया सीमेंट्स अपने नॉन-कोर एसेट्स को बेचने की कोशिशों में लगी हुई है। इसके तहत यह आंध्र प्रदेश में विजग के पास अपनी एंक्स्ट्रा जमीन सीमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट को 70 करोड़ रुपये में बेचने को तैयार हुई है। अक्टूबर 2022 में इसने सब्सिडियरी स्प्रिंगवे माइनिंग में अपनी पूरी हिस्सेदारी JSW Cement को 477 करोड़ रुपये में बेच दी थी।
ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि यह सही दिशा में आगे बढ़ रही है लेकिन इसे कर्ज फटाफट चुकाने के लिए नॉन-कोर एसेट की बिक्री में तेजी लानी होगी। वित्त वर्ष 2023 के डेटा के हिसाब से इस पर 2900 करोड़ डॉलर का कर्ज है। EBITDA के मुकाबले हाई कर्ज और दक्षिण भारत में सीमेंट के भाव में सुस्ती के चलते कम RoE को देखते हुए ब्रोकरेज ने इसकी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है और 122 रुपये का टारगेट प्राइस फिक्स किया है जो मौजूदा लेवल से करीब 48 फीसदी डाउनसाइड है। इसके शेयर आज बीएसई पर 232.70 रुपये पर बंद हुए हैं।
ग्लेनमार्क फार्मा अपनी API (एक्टिव फार्मा एनग्रेडिएंट) इकाई ग्लेनमार्क लाइफसाइंसेज में 75 फीसदी हिस्सेदारी करीब 5650 करोड़ रुपये में बेच रही है जिसे 615 रुपये के भाव में निरमा खरीदेगी। बिक्री के बाद इस API इकाई में ग्लेनमार्क फार्मा की हिस्सेदारी करीब 7.8 फीसदी रह जाएगी। शेयर बेचकर जो पैसे मिलेंगे, उससे कंपनी अपना कर्ज कम करेगी। वित्त वर्ष 2023 के आखिरी में इस पर 4340 करोड़ रुपये का कर्ज था। घरेलू ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक इस हिस्सेदारी को बेचने का वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी के रेवेन्यू पर करीब 10 फीसदी झटका पड़ेगा। इसके अलावा EBITDA मार्जिन 1.50 फीसदी सिकुड़ सकता है। हालांकि कर्ज कम होने से असर कम हो जाएगा।
ब्रोकरेज के मुताबिक कर्ज का बोझ तो खत्म हो जाएगा लेकिन लॉन्ग रन में इसे R&D के लिए सालाना करीब 1300-1400 करोड़ रुपये के बजट के साथ-साथ Ryaltris की मार्केटिंग कॉस्ट और अमेरिकी जेनेरिक कारोबार के लिए पैसों की जरूरत पड़ेगी। इन सब बातों को देखते हुए ब्रोकरेज ने इसकी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस 660 रुपये (वित्त वर्ष 2025 की अर्निंग्स के हिसाब से 12 गुना) फिक्स किया है जो मौजूदा लेवल से करीब 16 फीसदी डाउनसाइड है। इसके शेयर आज बीएसई पर 785.90 रुपये पर बंद हुए हैं।
एनबीसीसी मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट के तहत एक नवरत्न कंपनी है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2023 में इसका रेवेन्यू अनुमान से कम रहा और 8.5 फीसदी की दर से बढ़ा। PMC (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी) सेगमेंट में सुस्ती और रियल एस्टेट सेल्स में सालाना आधार पर 51 फीसदी की गिरावट के चलते इसके रेवेन्यू को झटका लगा। इस दौरान इसका EBITDA मार्जिन भी ऊंची लागत और बाकी खर्चों में बढ़ोतरी के चलते 0.32 फीसदी फिसलकर 3.2 फीसदी पर आ गया।
मैनेजमेंट ने इस वित्त वर्ष में 9 हजार करोड़ रुपये के रेवेन्यू का अनुमान लगाया है। हालांकि प्रोजेक्ट मिलने और इसके पूरा होने में देरी के चलते ब्रोकरेज जियोजीत बीएनबी पारिबास ने वित्त वर्ष 2024 के रेवेन्यू अनुमान में 7 फीसदी और वित्त वर्ष 2025 के अनुमान में 4 फीसदी की कटौती कर दी है। इन सब बातों को देखते हुए ब्रोकरेज ने इसकी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है और 53 रुपये का टारगेट प्राइस फिक्स किया है जो मौजूदा लेवल से 8 फीसदी से अधिक डाउनसाइड है। इसके शेयर आज बीएसई पर 57.80 रुपये पर बंद हुए हैं।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।