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Chickpea Crop: चने की फसल ने ठंड में बदली किसानों की किस्मत, देखें कैसे

Chickpea Crop: रबी सीजन में चने की खेती किसानों के लिए आय का मजबूत साधन रही है। जनवरी-फरवरी का समय फसल के लिए नाजुक माना जाता है, लेकिन चंदौली के किसान अब दोहरी आमदनी कमा रहे हैं। पहले हरा साग बेचकर नकद कमाई, फिर दानों की बिक्री से अतिरिक्त मुनाफा मिलता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 21, 2026 पर 10:54 AM
Chickpea Crop: चने की फसल ने ठंड में बदली किसानों की किस्मत, देखें कैसे
Chickpea Crop: किसानों का कहना है कि चने का साग और दाने दोनों अच्छी कीमत पर बिक रहे हैं।

रबी सीजन में चने की खेती किसानों के लिए हमेशा ही आय का एक मजबूत साधन रही है। हालांकि, जनवरी और फरवरी का समय इस फसल के लिए सबसे नाजुक माना जाता है, क्योंकि ठंड, कीट और मौसम की अनिश्चितता से फसल प्रभावित हो सकती है। लेकिन चंदौली के किसान अब इस फसल से दोहरी आमदनी कमाने में सफल हो रहे हैं। किसान पहले चने के हरे-भरे साग को बाजार में बेचकर तुरंत नकद आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। इसके बाद जब फसल पककर दाने तैयार हो जाते हैं, तो उनकी बिक्री से अतिरिक्त मुनाफा मिलता है। इस तरह की रणनीति से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके चेहरों पर संतोष और खुशी भी साफ दिखाई देती है।

सही समय पर बुआई, सरकारी सब्सिडी और निराई-गुड़ाई, खाद-पानी और कीट नियंत्रण जैसी सावधानी के चलते चने की फसल सुरक्षित और उपजाऊ बनी हुई है, जिससे आने वाले समय में किसानों की आय और बढ़ने की पूरी संभावना है।

हरा साग भी बन रहा आमदनी का साधन

किसान केवल दानों की खेती पर ही निर्भर नहीं हैं। चने का हरा साग बाजार में बेचकर उन्हें तुरंत नकद आमदनी मिल रही है। इसके बाद जब फसल पक जाती है, तो दानों की बिक्री से भी अच्छा मुनाफा होता है। इस रणनीति से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

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