रबी सीजन में चने की खेती किसानों के लिए हमेशा ही आय का एक मजबूत साधन रही है। हालांकि, जनवरी और फरवरी का समय इस फसल के लिए सबसे नाजुक माना जाता है, क्योंकि ठंड, कीट और मौसम की अनिश्चितता से फसल प्रभावित हो सकती है। लेकिन चंदौली के किसान अब इस फसल से दोहरी आमदनी कमाने में सफल हो रहे हैं। किसान पहले चने के हरे-भरे साग को बाजार में बेचकर तुरंत नकद आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। इसके बाद जब फसल पककर दाने तैयार हो जाते हैं, तो उनकी बिक्री से अतिरिक्त मुनाफा मिलता है। इस तरह की रणनीति से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके चेहरों पर संतोष और खुशी भी साफ दिखाई देती है।
