दुधारू पशुओं को खिला दें ये 2 चमत्कारी चीजें, दूध की धार होगी दोगुनी, बीमारियां होंगी गायब

Food For Dairy Animals: गर्मी में गाय-भैंस के दूध उत्पादन में कमी आ सकती है, लेकिन सही देखभाल और संतुलित आहार से इसे बढ़ाया जा सकता है। छायादार जगह, ठंडा पानी, सरसों की खल और कपिला पशु आहार देने से उनकी सेहत बनी रहती है। संतुलित पोषण और हवादार माहौल से दूध की मात्रा और गुणवत्ता बेहतर होती है

अपडेटेड Mar 19, 2025 पर 3:44 PM
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Food For Dairy Animals: दुधारू पशु का दूध बढ़ाना चाहते हैं, तो सरसों की खल सबसे प्रभावी और प्राकृतिक उपाय है।

चिलचिलाती गर्मी सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि जानवरों को भी परेशान करती है। खासतौर पर दुधारू गाय और भैंस इस मौसम में ज्यादा प्रभावित होती हैं। गर्मी के कारण उनका शरीर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है, जिससे दूध उत्पादन में कमी आ जाती है। अगर गर्मी के कारण आपकी गाय या भैंस कम दूध देने लगी है, तो उनकी सही देखभाल करना बेहद जरूरी है। सबसे पहले, उन्हें छायादार और हवादार जगह पर रखें। दिन में कम से कम तीन-चार बार ठंडा और साफ पानी पिलाएं, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।

इसके अलावा, सरसों की खल और पौष्टिक पशु आहार देने से उनकी सेहत बनी रहती है और दूध की मात्रा भी बढ़ती है। अगर सही देखभाल की जाए, तो गर्मी के दिनों में भी दूध उत्पादन में कमी नहीं आएगी और आपके पशु स्वस्थ रहेंगे।

दूध बढ़ाने का कारगर तरीका

एनिमल एक्सपर्ट डॉक्टर नागेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि, गाय और भैंस के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी होता है। कपिला पशु आहार एक ऐसा विशेष आहार है, जिसमें प्रोटीन, खनिज, वसा और प्रोबायोटिक्स मौजूद होते हैं, जो पशु के दूध उत्पादन को बढ़ाने में सहायक होते हैं। इसे खाने से न सिर्फ दूध की मात्रा बढ़ती है बल्कि पशु स्वस्थ और ऊर्जावान भी रहते हैं। इसके नियमित सेवन से पशु का पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में प्रोटीन की कमी नहीं होती, जिससे दूध की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। खासतौर पर वे पशु जो अधिक दूध देने की क्षमता रखते हैं, उनके लिए ये आहार बेहद लाभदायक साबित होता है।


दूध उत्पादन का देसी नुस्खा

अगर आप अपने दुधारू पशु का दूध बढ़ाना चाहते हैं, तो सरसों की खल सबसे प्रभावी और प्राकृतिक उपाय है। इसे प्रोटीन का खजाना माना जाता है और इसे खिलाने से दूध की मात्रा तेजी से बढ़ती है। सरसों की खल आसानी से पचने वाली होती है और पशुओं को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करती है। इससे दूध में मोटी मलाई आती है और उसकी गुणवत्ता बेहतर होती है। साथ ही, ये गाय-भैंस की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है, जिससे वे बीमारियों से बची रहती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ये एक पारंपरिक तरीका है, जिसे पशुपालक वर्षों से अपनाते आ रहे हैं।

संतुलित आहार से मिलेगा दोगुना फायदा

दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए केवल एक विशेष आहार पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता। पशुओं को संतुलित आहार देना जरूरी है, जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हों। दिन में कम से कम दो बार पौष्टिक चारा खिलाना चाहिए और उनके लिए ताजे पानी की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा, पशुओं को खुला और हवादार माहौल देना चाहिए, जिससे वे स्वस्थ रहें और तनावमुक्त महसूस करें। यदि इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो आपकी गाय और भैंस पहले से ज्यादा दूध देने लगेंगी और उनकी सेहत भी बेहतरीन बनी रहेगी।

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