Animal Husbandry Tips: गाय-भैंस का दूध बढ़ाने का आसान और सस्ता तरीका, जानें पूरा फॉर्मूला

Animal Husbandry Tips: इस बीच कई पशुपालक चिंता में रहते हैं, लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं। एक देसी जुगाड़ – मसालेदार चूर्ण – तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसे अपनाकर पशुपालक अपने जानवरों से अधिक दूध प्राप्त कर सकते हैं। यह प्राकृतिक उपाय पूरी तरह घरेलू मसालों पर आधारित और असरदार है

अपडेटेड Jan 17, 2026 पर 12:40 PM
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Animal Husbandry Tips: पशु के चारे या दाने में सुबह और शाम 50 ग्राम मसाला मिलाकर दें।

पशुपालकों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि उनके जानवर भरपूर चारा खाने के बावजूद मनमुताबिक दूध नहीं देते। अक्सर लोग महंगे सप्लीमेंट, पोषण वाले आहार और दवाइयों पर बड़ी रकम खर्च कर देते हैं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। इस स्थिति में न सिर्फ उनका व्यवसाय प्रभावित होता है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में अब एक देसी जुगाड़ – मसालेदार चूर्ण – सामने आया है, जिसने पशुपालकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

ये प्राकृतिक मिश्रण पूरी तरह घरेलू मसालों से तैयार होता है और बनाने में आसान, खर्च में सस्ता और प्रभाव में बहुत असरदार है। विशेषज्ञों के अनुसार यह चूर्ण पशुओं के पाचन तंत्र को मजबूत करता है, भूख बढ़ाता है और शरीर को पोषण सही तरीके से देने में मदद करता है, जिससे दूध का उत्पादन स्वाभाविक रूप से बढ़ता है।

मसालेदार चूर्ण क्या है और कैसे बनता है?


यह प्राकृतिक मिश्रण गाय और भैंस के दैनिक आहार में मिलाया जाता है। इसे बनाने के लिए आवश्यक हैं:

  • मेथी के दाने – 100 ग्राम
  • अजवाइन – 50 ग्राम
  • सौंफ – 50 ग्राम
  • हल्दी पाउडर – 20 ग्राम
  • हींग – 5 ग्राम

सभी मसालों को पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर किसी साफ-सूखे डिब्बे में रखा जाता है।

इसे कैसे खिलाएं?

  • पशु के चारे या दाने में सुबह और शाम 50 ग्राम मसाला मिलाकर दें।
  • लगातार एक सप्ताह तक इसका सेवन कराने पर दूध उत्पादन में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
  • पाचन सही होता है और जानवर इसे आसानी से खा लेते हैं।

पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

  • मेथी पाचन तंत्र को मजबूत कर दूध बढ़ाती है।
  • अजवाइन और सौंफ गैस, अफरा जैसी परेशानियों को दूर करती हैं।
  • हल्दी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर पेट को स्वस्थ रखती है।

संतुलित आहार पर भी ध्यान दें

प्रो. अशोक कुमार सिंह और डॉ. एस.डी. द्विवेदी के अनुसार:

  • गाय के चार लीटर दूध पर 1 किलो पशु आहार, भैंस के तीन लीटर दूध पर 1 किलो आहार जरूरी।
  • नियमित रूप से हरा चारा देना महत्वपूर्ण।
  • गर्भवती पशुओं को अतिरिक्त पोषण और समय-समय पर कीड़े की दवा दें।

देसी उपाय से बढ़े दूध, स्वस्थ रहें पशु

यह मसालेदार चूर्ण पशुपालकों के लिए सस्ता, आसान और भरोसेमंद उपाय है।

  • दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पशुओं की सेहत मजबूत रहती है।
  • इसके अलावा, ऊर्जा, प्रोटीन और खनिज से भरपूर दलिया, चोकर, खली (सरसों, मूंगफली) और गुड़ भी दिए जा सकते हैं।

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