खेती का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है। किसान पारंपरिक गेहूं और धान की खेती तक सीमित न रहकर आधुनिक, वैज्ञानिक और मुनाफे वाली खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। बदलते बाजार, बढ़ती लागत और बेहतर आमदनी की चाह ने किसानों को नई राह दिखाने का काम किया है। यही वजह है कि ऑर्गेनिक खेती और सब्जी-फल उत्पादन को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सब्जियों और फलों की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कम समय में फसल तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग भी बनी रहती है। इससे किसानों को जल्दी आमदनी मिलने की संभावना रहती है। साथ ही पारंपरिक फसलों की तुलना में इसमें मुनाफे की गुंजाइश भी ज्यादा मानी जाती है।
सरकार और कृषि विभाग भी किसानों को इस दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नई योजनाएं, अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन किसानों के लिए खेती को ज्यादा लाभकारी बनाने में मदद कर रहे हैं।
जायद-खरीफ सीजन में कमाई का सुनहरा मौका
आने वाले जायद और खरीफ मौसम को देखते हुए उद्यान विभाग ने किसानों को मुनाफे का रास्ता दिखाया है। विभाग ने उन फसलों की जानकारी दी है जिनकी बाजार में मांग ज्यादा रहती है और जिनसे लागत के मुकाबले कई गुना फायदा मिल सकता है।
इन सब्जियों से होगी बंपर कमाई
किसान तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी के साथ-साथ भिंडी, लोबिया, लौकी, तरोई, करेला और टमाटर की खेती कर सकते हैं। इन सब्जियों की बाजार में हमेशा अच्छी मांग रहती है, जिससे बेहतर भाव मिलते हैं।
सरकार दे रही है पूरा सहारा
उद्यान विभाग सब्जी उगाने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये का अनुदान दे रहा है। यह मदद ‘काइंड डीबीटी’ योजना के तहत दी जा रही है।
मुफ्त हाइब्रिड बीज और तकनीकी सलाह
योजना के तहत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले संकर बीज बिल्कुल मुफ्त दिए जा रहे हैं। साथ ही खेती की सही तकनीक की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि पैदावार और गुणवत्ता दोनों बेहतर हों।
आवेदन कर उठाएं योजना का लाभ
प्रभारी उद्यान निरीक्षक प्रमोद कुमार यादव के अनुसार इच्छुक किसान ताला स्थित उप निदेशक कार्यालय के प्रथम तल पर मौजूद उद्यान विभाग में पंजीकरण कराकर योजना का लाभ ले सकते हैं और अपनी आय बढ़ा सकते हैं।