रामपुर के किसान सद्दीक ने अपने खेत में एल-49 और गोल्डन किस्म के लगभग 700 अमरूद के पेड़ लगाए हैं। उनका कहना है कि इन किस्मों की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इनमें कीड़े लगने की संभावना बहुत कम होती है और इनका स्वाद इतना अच्छा है कि बाजार में इसकी खुद ही मांग बन जाती है। सद्दीक के अनुसार, अमरूद के पेड़ लगाने के लगभग दो साल बाद ही फल आने लगे थे। शुरुआती समय में पैदावार थोड़ी कम थी, लेकिन जैसे-जैसे पेड़ मजबूत हुए, फलों की संख्या भी बढ़ती चली गई।
