भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से जुड़े कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि गर्मियों की मूंग किसानों के लिए कम समय में ज्यादा फायदा देने वाली बेहतरीन फसल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बहुत जल्दी तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त कमाई का अवसर मिलता है। गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों की कटाई के बाद खेत अक्सर खाली पड़े रहते हैं, लेकिन ऐसे समय में मूंग की बुवाई करके किसान उस खाली समय का सही उपयोग कर सकते हैं। यह फसल खरीफ सीजन शुरू होने से पहले पककर तैयार हो जाती है, जिससे खेती का पूरा चक्र बेहतर तरीके से उपयोग हो पाता है।
मूंग की खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि खेती को ज्यादा लाभकारी और टिकाऊ भी बनाती है। यही वजह है कि आजकल अधिक से अधिक किसान गर्मियों की मूंग को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं।
कम खर्च में ज्यादा फायदा देने वाली फसल
मूंग की खेती की सबसे बड़ी खूबी इसका कम खर्च और अच्छा मुनाफा है। इस फसल को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती और सिर्फ 2 से 3 हल्की सिंचाई में ही यह अच्छी तरह बढ़ जाती है। एक एकड़ में लगभग 12 से 15 किलो बीज पर्याप्त होता है। कतारों के बीच 25 से 30 सेंटीमीटर और पौधों के बीच 8 से 10 सेंटीमीटर की दूरी रखने से बेहतर उत्पादन मिलता है। सही किस्म और वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर किसान प्रति एकड़ 5 से 8 क्विंटल तक मूंग पैदा कर सकते हैं।
बाजार में अच्छी कीमत, बढ़ेगी आमदनी
मंडी में मूंग की कीमत आमतौर पर 6,000 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल तक रहती है। ऐसे में किसान एक एकड़ से लगभग 30,000 से 50,000 रुपये या उससे ज्यादा की कमाई कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस फसल में खाद और कीटनाशक पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता, जिससे शुद्ध लाभ और भी ज्यादा हो जाता है।
जमीन की उर्वरता भी बढ़ाती है मूंग
मूंग एक दलहनी फसल है, जिसकी जड़ों में मौजूद खास जीवाणु हवा से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी में जमा करते हैं। इससे जमीन की ताकत बढ़ती है और अगली फसल को प्राकृतिक पोषण मिलता है। इस तरह मूंग की खेती करने से रासायनिक खाद की जरूरत कम होती है और खेती ज्यादा टिकाऊ बनती है।
सही समय और देखभाल से मिलेगी बेहतर पैदावार
मूंग की बुवाई के लिए मार्च का आखिरी सप्ताह से लेकर अप्रैल के पहले पखवाड़े तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। शुरुआत में खेत को खरपतवार से साफ रखना जरूरी है। फसल की नियमित निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह से दवा का छिड़काव करें। सही समय पर सही कदम उठाने से उत्पादन बेहतर होता है।
खाली खेत को बनाएं कमाई का जरिया
गेहूं और सरसों की कटाई के बाद खेत को खाली छोड़ना अब नुकसान का सौदा साबित हो सकता है। ऐसे में किसान गर्मी की मूंग लगाकर कम समय में अच्छी कमाई कर सकते हैं। यह फसल न सिर्फ आर्थिक लाभ देती है, बल्कि मिट्टी की सेहत सुधारकर भविष्य की खेती को भी मजबूत बनाती है।