टमाटर की खेती किसानों के लिए एक फायदेमंद व्यवसाय हो सकती है, खासकर जब इसको सही तरीके से और उचित देखभाल के साथ किया जाए। अगर आप टमाटर की खेती अच्छे तरीके से की जाए तो इस से अच्छी कमाई कर सकते हैं। ऐसे ही एक किसान है बुड़रख गांव के हरिशंकर चौबे जिन्होंने टमाटर की खेती से लिए ऐसा अनोखा तरीका अपनाया, जिससे उनको काफी फायदा मिला।
छतरपुर जिले के नौगांव जनपद के बुड़रख गांव के किसान हरिशंकर चौबे के टमाटर मंडी में ₹120 प्रति किलो तक बिकता है। जहां पर दूसरे किसानों का टमाटर इसी मंडी में कम दामों में बिकता है, जिससे वे काफी परेशान है।
लोकल 18 से बात करते हुए हरिशंकर चौबे ने बताया कि वह कैसे टमाटर की खेती करते हैं। हरिशंकर चौबे ने कहा, "उन्होंने अपने खेत में टमाटर की खेती नेटशेड हाउस में की है, जिससे उन्हें कई फायदे हुए हैं। इस तरीके से तापमान कंट्रोल में रहता है और टमाटर जल्दी नहीं पकता है। इसके अलावा, तेज धूप, आंधी-तूफान या ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से भी फसल सुरक्षित रहती है। इसके साथ ही टमाटर का आकार अच्छा रहता है और उसमें दाग-धब्बे भी नहीं आते और यह लंबे समय तक खराब नहीं होता।"
उन्होंने आगे बताया, "टमाटर की खेती में केवल गोबर और केंचुआ खाद का इस्तेमाल किया है और किसी भी तरह के केमिकल या कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया। नेटशेड हाउस के कारण फसल पर कीटों का हमला भी नहीं होता, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है।"
हरिशंकर चौबे ने बताया कि, जहां ज्यादातर किसान 1 रुपये प्रति किलो के हिसाब से टमाटर बेचने को मजबूर हैं, वहीं हरिशंकर का टमाटर सीधे खेत से 5 रुपये से लेकर 120 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। एक क्रेट (25 किलो) टमाटर की कीमत अन्य किसानों के लिए ₹20 है, जबकि हरिशंकर को ₹3000 तक मिल जाते हैं। हरिशंकर चौबे ने बताया कि उन्होंने एक ही सीजन में लगभग 6 लाख रुपये की सब्जी बेची है। उनकी फसल छतरपुर, महाराजपुर, नौगांव और महोबा की मंडियों में सप्लाई हो रही है और गर्मी में भी मांग बनी हुई है।