मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में खेती का स्वरूप धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। यहां के किसान अब केवल पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर रहने के बजाय दूसरी फसलों की तरफ भी रुख कर रहे हैं। बढ़ती लागत और बेहतर आमदनी की उम्मीद ने किसानों को नए विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित किया है। इसी वजह से कृषि विभाग भी किसानों को अलग-अलग फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। खासतौर पर जायद सीजन में उड़द और तिल की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि ये फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं और अच्छी कमाई का मौका देती हैं।
