खरगोन जिले में अब किसान धीरे-धीरे पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी की तरफ रुख कर रहे हैं। खेती की बढ़ती लागत और कम मुनाफे के कारण किसान नए विकल्प तलाश रहे हैं। यही वजह है कि कई किसान अब अपने खेतों में फलों के बगीचे लगाने की योजना बना रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जो किसान रबी फसलों की कटाई के बाद बागवानी करना चाहते हैं, उन्हें अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। गर्मियों में खेत की तैयारी करने से पौधों की बढ़वार बेहतर होती है और आगे चलकर उत्पादन भी अच्छा मिलता है।
पारंपरिक फसलों से कम हो रहा मुनाफा
निमाड़ क्षेत्र के किसान लंबे समय से गेहूं, चना, कपास, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें उगा रहे हैं। लेकिन इन फसलों में लागत लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि आमदनी उतनी नहीं मिल रही। इससे किसान नई खेती की तरफ ध्यान दे रहे हैं। जिन किसानों ने पहले से फलों की खेती शुरू की है, उनका कहना है कि इसमें एक बार मेहनत करने के बाद कई सालों तक उत्पादन मिलता है और बाजार में मांग बनी रहने से सालभर कमाई का मौका रहता है।
निमाड़ की जलवायु फलों के लिए अनुकूल
उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. एस.के. त्यागी लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि जिले की मिट्टी और मौसम कई तरह के फलों की खेती के लिए उपयुक्त है। किसान यहां नींबू, केला, पपीता, अमरूद, संतरा, आम, सीताफल और चीकू जैसे फलों के बगीचे लगा सकते हैं। सही तरीके से बागवानी करने पर किसानों को अच्छा फायदा मिल सकता है। जो किसान रबी फसल की कटाई के बाद कपास या सोयाबीन की जगह फलदार पौधे लगाना चाहते हैं, उन्हें अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
गड्ढों की खुदाई कैसे करें
विशेषज्ञों के मुताबिक मार्च-अप्रैल में जब खेत खाली हो जाएं, तब किसानों को बगीचे के लिए गड्ढे खोदने शुरू कर देने चाहिए। गर्मी में गड्ढे तैयार करने से मिट्टी अच्छी तरह धूप में पकती है और कीट-रोग का खतरा कम होता है। हर गड्ढा करीब 1 मीटर लंबा, 1 मीटर चौड़ा और 1 मीटर गहरा होना चाहिए। खुदाई के बाद गड्ढों को एक से डेढ़ महीने तक खुला छोड़ देना चाहिए, ताकि तेज धूप से मिट्टी अच्छी तरह तैयार हो सके।
गड्ढों में भरें खाद और मिट्टी का मिश्रण
कुछ समय तक धूप लगने के बाद मानसून से पहले गड्ढों में मिट्टी और खाद का मिश्रण भरना चाहिए। इसके लिए ऊपरी मिट्टी में लगभग 25 किलो गोबर की खाद, एक किलो नीम खली, 25 ग्राम ट्राइकोडर्मा, 25 ग्राम पीएचबी और 25 ग्राम मेजेटो डॉक्टर मिलाना चाहिए। इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर गड्ढों में भर दें और ध्यान रखें कि गड्ढे जमीन की सतह से करीब 6 इंच ऊपर तक भरे हों। इससे बारिश के समय पानी जमा नहीं होता और पौधों की जड़ें मजबूत बनती हैं।
पौधे लगाते समय रखें ये बातें ध्यान में
बारिश शुरू होने के बाद तैयार गड्ढों में पौधे लगाए जा सकते हैं। पौधा लगाते समय ग्राफ्टिंग वाला हिस्सा जमीन से लगभग 6 इंच ऊपर होना चाहिए। इससे पौधे की बढ़त अच्छी रहती है और बीमारी का खतरा कम होता है। पौधा लगाने के बाद हल्की सिंचाई जरूर करें। साथ ही पौधे को सहारा देने के लिए करीब 3 फीट ऊंचा लकड़ी का डंडा लगाना चाहिए, जिससे हवा या बारिश में पौधा गिरने से बचा रहता है और सीधा बढ़ता है।