Agriculture Tips: गेहूं की फसल में अब भी है समय, अपनाएं ये उपाय और बढ़ाएं मुनाफा

Agriculture Tips: देश के अधिकतर किसान आज भी गेहूं की खेती पारंपरिक तरीके से करते हैं। सही समय पर खाद और खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान न देने से उत्पादन प्रभावित होता है। अगर खेती में कुछ आसान और वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएं, तो कम लागत में भी गेहूं की अच्छी पैदावार और बेहतर मुनाफा मिल सकता है

अपडेटेड Jan 07, 2026 पर 12:32 PM
Story continues below Advertisement
Agriculture Tips: किसानों को बुआई के पांच दिन के भीतर पेनिडमेथिलिन का छिड़काव करना चाहिए।

देश के ज्यादातर किसान भाई पीढ़ियों से गेहूं की खेती उसी पुराने तरीके से करते आ रहे हैं, जो उन्होंने अपने बुजुर्गों से सीखा है। इस पद्धति से खेती तो हो जाती है, लेकिन कई बार मेहनत के मुताबिक पैदावार नहीं मिल पाती। बढ़ती लागत, महंगी खाद, पानी की कमी और मजदूरी के खर्च के बीच किसान की आमदनी पर असर पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि खेती में थोड़े से बदलाव किए जाएं, ताकि कम खर्च में ज्यादा फायदा मिल सके। गेहूं की फसल में सही समय पर खाद देना और शुरुआती दिनों में खरपतवार पर नियंत्रण रखना बहुत अहम होता है। अक्सर किसान इन बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे फसल कमजोर रह जाती है और पैदावार घट जाती है।

अगर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खाद प्रबंधन और खरपतवार नियंत्रण किया जाए, तो फसल मजबूत बनती है और दाने भी अच्छे भरते हैं। थोड़ी समझदारी और सही जानकारी अपनाकर किसान भाई अपनी गेहूं की खेती से बेहतर उत्पादन और मुनाफा हासिल कर सकते हैं।

पोषक तत्वों का महत्व


गेहूं की फसल अच्छी तरह बढ़े और दाने भरें, इसके लिए संतुलित पोषण बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रति हेक्टेयर 60 किलोग्राम नाइट्रोजन और 46 किलोग्राम फॉस्फोरस देना फायदेमंद रहता है। इससे पौधे की जड़ मजबूत होती है और बालियों में अच्छे दाने बनते हैं।

नाइट्रोजन और फॉस्फोरस देने का सही तरीका

नाइट्रोजन को एक साथ न डालें, इसे दो या तीन हिस्सों में बांट दें। पहली मात्रा बुआई के समय, दूसरी सिंचाई के बाद और तीसरी बालियां निकलते समय दी जा सकती है। फॉस्फोरस की पूरी मात्रा बुआई के समय डाल दें, ताकि पौधों को शुरुआती चरण में पर्याप्त पोषण मिले।

खरपतवार से नुकसान

गेहूं की फसल में खरपतवार शुरुआती अवस्था में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। ये पोषक तत्व, पानी और जगह के लिए मुख्य फसल से प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिससे उत्पादन घट सकता है। इसलिए समय पर खरपतवार नियंत्रण बेहद जरूरी है।

प्री-इमर्जेंस दवा का महत्व

खरपतवार नियंत्रण के लिए प्री-इमर्जेंस दवा सबसे कारगर मानी जाती है। इसमें फसल अंकुरित होने से पहले ही खरपतवार को उगने से रोका जाता है। गेहूं के लिए पेनिडमेथिलिन नामक दवा उपयोगी है।

पेनिडमेथिलिन का सही प्रयोग

किसानों को बुआई के पांच दिन के भीतर पेनिडमेथिलिन का छिड़काव करना चाहिए। इसे 1.25 लीटर प्रति एकड़ पानी में मिलाकर खेत में समान रूप से छिड़कें। छिड़काव के समय खेत में पर्याप्त नमी होना जरूरी है।

सावधानियां और फायदे

दवा का छिड़काव हवा कम होने पर करें और अनुशंसित मात्रा से ज्यादा न लगाएं। सही खाद प्रबंधन और समय पर खरपतवार नियंत्रण से गेहूं की फसल स्वस्थ रहती है, उत्पादन बढ़ता है और किसानों को अधिक मुनाफा मिलता है।

Agriculture Tips: ठंड और पाले से लाखों की फसल बचाई, किसानों ने अपनाया देसी जुगाड़

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।