देश के ज्यादातर किसान भाई पीढ़ियों से गेहूं की खेती उसी पुराने तरीके से करते आ रहे हैं, जो उन्होंने अपने बुजुर्गों से सीखा है। इस पद्धति से खेती तो हो जाती है, लेकिन कई बार मेहनत के मुताबिक पैदावार नहीं मिल पाती। बढ़ती लागत, महंगी खाद, पानी की कमी और मजदूरी के खर्च के बीच किसान की आमदनी पर असर पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि खेती में थोड़े से बदलाव किए जाएं, ताकि कम खर्च में ज्यादा फायदा मिल सके। गेहूं की फसल में सही समय पर खाद देना और शुरुआती दिनों में खरपतवार पर नियंत्रण रखना बहुत अहम होता है। अक्सर किसान इन बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे फसल कमजोर रह जाती है और पैदावार घट जाती है।
