Shadashtak Yog: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और स्थिति के साथ ही इनके योग का भी बहुत महत्व है। कई बार कुछ ग्रहों का साथ आना कुछ राशियों के लिए अच्छा होता है और नए अवसरों के दरवाजे खोलता है। वहीं ये युति कुछ अन्य राशियों के लिए मुश्किलों का तूफान लेकर आती है। ऐसा ही एक योग देवताओं के गुरु बृहस्पति और सूर्य देव ने बनाया है। इन ग्रहों की युति से षडाष्टक योग का निर्माण हुआ है। ज्योतिष में इस योग को परंपरागत रूप से शुभ नहीं माना जाता है। आइए जानें कब बनता है ये योग और क्यों माना जाता है इस अशुभ?
