यूनियन बजट 2025 में इनकम टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद काफी ज्यादा है। अनुमान है कि सरकार मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ घटाएगी। इसका मकसद कंजम्प्शन बढ़ाना है। इकोनॉमिस्ट्स और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने सरकार को कंजम्प्शन बढ़ाने की सलाह दी है। उनका मानना है कि इसस इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने में मदद मिलेगी। सवाल है कि सरकार इनकम टैक्स में कितनी कमी का ऐलान यूनियन बजट में करेगी?
ज्यादातर एक्सपर्ट्स ने टैक्स में राहत की उम्मीद जताई
मनीकंट्रोल ने इस बारे में एक्सपर्ट्स की राय जानने के लिए एक पोल किया। इसमें करीब 45 लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें ब्रोकिंग फर्म, म्यूचुअल फंड्स, AIF के प्रतिनिधियों के साथ इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट्स शामलि थे। पोल में हिस्सा लेने वाले 68 फीसदी लोगों का मानना था कि सरकार कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए टैक्स (Income Tax) में राहत देगी, लेकिन यह बहुत ज्यादा नहीं होगी। सिर्फ 23 फीसदी लोगों ने कहा कि सरकार कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए टैक्स में बदलाव का ऐलान कर सकती है। बाकी 9 फीसदी लोगों ने कहा है कि उन्हें टैक्स को लेकर बजट में किसी बड़े ऐलान की उम्मीद नहीं है।
कैपिटल गैंस टैक्स बढ़ने के आसार नहीं
क्या सरकार कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ाएगी? पोल में शामिल करीब 91 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें यूनियन बजट 2025 में कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ने की उम्मीद नहीं है। 23 जुलाई, 2024 को पेश यूनियन बजट में निर्मला सीतारमण ने इक्विटी और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ाने का ऐलान किया था। 12 महीने से पहले इक्विटी बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स को 15 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया था। 12 महीने के बाद इक्विटी बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स को 10 से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया था।
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कैपिटल एक्सपेंडिचर पर रहेगा सरकार का फोकस
सरकार का फोकस यूनियन बजट में किस पर होगा? ज्यादातर एक्सपर्ट्स ने कहा कि सरकार पब्लिक स्पेंडिंग पर फोकस बनाए रखेगी। सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर का टारगेट 10 फीसदी बढ़ा सकती है। पिछले साल यूनियन बजट में सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया था। सरकार प्राइवेट इनवेस्टमेंट बढ़ाने के लिए नई इनसेंटिव स्कीम का ऐलान कर सकती है। सरकार का फोकस फिस्कल कंसॉलिडेशन पर भी होगा। फिस्कल डेफिसिट के लिए सरकार 4.5 फीसदी का टारगेट तय कर सकती है।