ऑयल मिनिस्ट्री ने सरकार से एलपीजी सब्सिडी के लिए 40,000 करोड़ रुपये मांगे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ऑयल मिनिस्ट्री को यूनियन बजट 2025 में यह पैसा दे सकती है। सरकारी ऑयल कंपनियां कॉस्ट से कम कीमत पर एलपीजी सिलेंडर कंज्यूमर्स को उपलब्ध कराती हैं। इससे कंपनियों को बड़ा नुकसान होता है। इस नुकसान की भरपाई सरकार करती है। सवाल है कि क्या सरकार ऑयल मिनिस्ट्री की 40,000 करोड़ रुपये की मांग पूरी करती है तो एलपीजी सिलेंडर की कीमत घटेगी?
ऑयल कंपनियां कॉस्ट से कम पर बेचती हैं एलपीजी सिलेंडर
इंडिया में ऑयल कंपनियां रसोई गैस की कीमत तय करने के लिए आजाद नहीं हैं। चूंकि एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल आम लोग करते हैं, जिससे सरकार इसे रियायती दर पर उपलब्ध कराती है। इससे हर साल ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बड़ा नुकसान होता है। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में इन कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 22,000 करोड़ रुपये दिए थे। मुख्य रूप से तीन सरकारी कंपनियां एलपीजी सिलेंडर सप्लाई करती हैं। इनमें IOC, HPCL और BPCL शामिल हैं।
हर एलपीजी सिलेंडर पर 150-200 रुपये का लॉस
इंडस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हर एलपीजी सिलेंडर पर 150-200 रुपये का नुकसान होता है। कॉस्ट से कम कीमत पर रसोई गैस सिलेंडर बेचने से सिर्फ इंडियन ऑयल (IOC) का नुकसान करीब 9,000 करोड़ रुपये है। इसका असर कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजों पर देखने को मिला। सितंबर तिमाही में आईओसी का प्रॉफिट घटकर 180 करोड़ रुपये रह गया। बीपीसीएल और एचपीसीएल के प्रॉफिट में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी।
पिछले साल सरकार ने प्रति सिलेंडर 100 रुपये कीमत घटाई थी
सरकार अगर यूनियन बजट 2025 में ऑयल मिनिस्ट्री की 40,000 करोड़ रुपये ऐलोकेशन की मांग पूरी कर देती है तो भी इससे एलपीजी सिलेंडर की कीमत नहीं घटेगी। अभी नॉन-कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 800 से लेकर 1100 रुपये के बीच है। यह कीमत तब है जब सरकार पिछले साल मार्च में एलपीजी सिलेंडर की कीमत में प्रति सिलेंडर 100 रुपये की कमी कर चुकी है। सरकार ने पिछले साल महिला दिवस के मौके पर एलपीजी सिलेंडर की कीमत प्रति सिलेंडर 100 रुपये कम की थी।
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एलपीजी सिलेंडर पर लगता है 5 फीसदी जीएसटी
आम लोगों को राहत देने के लिए प्रमुख उद्योग चैंबर सीआईआई ने सरकार को ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कमी करने की सलाह दी है। हालांकि, एलपीजी सिलेंडर जीएसटी के तहत आता है। इस पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगती है। पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगती है। लेकिन, एलपीजी सिलेंडर पर 5 फीसदी जीएसटी लगता है। एलजीपी की खुदरा कीमत में जीएसटी के अलावा डिस्ट्रिब्यूटर कमीशन शामिल होता है।