Budget 2025: CII ने PSL फ्रेमवर्क में सुधार की मांग की, जानिए डिटेल

CII ने जोर देकर कहा कि PSL मानदंडों को ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट्स (GDP) में कई सेक्टर्स के कंट्रीब्यूशन के अनुरूप करना चाहिए और लॉन्ग टर्म ग्रोथ के लिए अहम उभरते सेक्टर्स को बढ़ावा देना चाहिए। CII ने कहा कि कृषि क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान 1990 के दशक में 30% था, जो अब घटकर 14% रह गया है, जबकि PSL में कृषि का आवंटन अभी भी 18% पर स्थिर है

अपडेटेड Dec 22, 2024 पर 8:55 PM
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2025 के केंद्रीय बजट से पहले कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) ने देश की प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) फ्रेमवर्क में कंप्रिहेंसिव सुधार की मांग की है

Budget 2025: केंद्रीय बजट से पहले कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) ने देश की प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) फ्रेमवर्क में सुधार की मांग की है ताकि भारत की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं को एड्रेस किया जा सके। CII ने जोर देकर कहा कि PSL मानदंडों को ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट्स (GDP) में कई सेक्टर्स के कंट्रीब्यूशन के अनुरूप करना चाहिए और लॉन्ग टर्म ग्रोथ के लिए अहम उभरते सेक्टर्स को बढ़ावा देना चाहिए।

प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय किया गया है, जिससे एग्रीकल्चर, एजुकेशन, हाउसिंग और स्मॉल इंडस्ट्रीज जैसे अहम क्षेत्रों को जरूरी क्रेडिट प्राप्त हो सके। यह फ्रेमवर्क समान रूप से क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन में अहम रही है, लेकिन CII का मानना है कि आर्थिक परिस्थितियों में आए बदलावों के अनुसार इसे समय-समय पर बदलने की जरूरत है।

अपने प्री-बजट सबमिशन में CII ने कहा कि कृषि क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान 1990 के दशक में 30% था, जो अब घटकर 14% रह गया है, जबकि PSL में कृषि का आवंटन अभी भी 18% पर स्थिर है।


CII के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "अब समय आ गया है कि जीडीपी योगदान और उभरते क्षेत्रीय विकास के साथ आवंटन को फिर से जोड़ा जाए। उदाहरण के लिए, डिजिटल इन्फ्रॉस्ट्रक्चर, ग्रीन इनिएशिएटिव, हेल्थ केयर और इनोवेटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स पर PSL के तहत फोकस करना चाहिए।" CII ने हर 3-4 साल में पीएसएल मानदंडों को संशोधित करने और इसके दायरे का विस्तार करके इन सेक्टर्स को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है:

  • ग्रीन इनिशिएटिव: रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और क्लाइमेट-अनुकूल एग्रीकल्चर।
  • डिजिटल इन्फ्रॉस्ट्रक्चर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्रॉडबैंड नेटवर्क और एडवांस टेक्नोलॉजी।
  • हेल्थकेयर: मेडिकल सर्विसेज में इनोवेशन और एक्सेसेबिलिटी।

इसके अलावा, CII ने इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत समर्थन की जरूरत पर जोर दिया, जिनमें से दोनों में भारत की ग्रोथ स्टोरी को आगे बढ़ाने की मजबूत क्षमता है। इन क्षेत्रों को समर्थन देने के लिए, CII ने समय-समय पर PSL मानदंडों की समीक्षा करने और SIDBI और NABFID जैसे संस्थानों से परे नए विकास वित्त संस्थानों की जरूरत का आकलन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति की स्थापना की सिफारिश की।

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