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Budget 2025 : बजट में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिल सकता है बड़ा बूस्ट, ड्यूटी इनवर्जन की समस्या से बचने के लिए बड़े एलान संभव

Budget 2025: सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबित इंपोर्ट ड्यूटी के लिए 50-55 आइटम्स की लिस्ट तैयार है। ड्यूटी इनवर्जन से बचने के लिए ये कदम उठाया जा सकता है। इंडस्ट्री ने सरकार को 3 अलग दर तय करने का सुझाव दिया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 31, 2024 पर 3:23 PM
Budget 2025 : बजट में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिल सकता है बड़ा बूस्ट, ड्यूटी इनवर्जन की समस्या से बचने के लिए बड़े एलान संभव
Union bugget : कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स और तैयार माल पर कम टैक्स को ही ड्यूटी इनवर्जन कहते हैं। इससे प्रोडक्ट की लागत बढ़ती है और मैन्युफैक्चरर का रिफंड अटकता है

Union bugget 2025: बजट में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक सरकार टैक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स, टेलीकॉम इक्विपमेंट, IT हार्डवेयर समेत 50-55 सेक्टर के आइटम्स पर इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव कर सकती है। ड्यूटी इनवर्जन की समस्या से बचने के लिए सरकार बजट में ये कदम उठा सकती है। इस ज्यादा डिटेल में जनकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि बजट में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिल सकता है। आगामी बजट में ऑटो पार्ट्स, टेलीकॉम इक्विपमेंट के इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव संभव है। टैक्सटाइल, IT हार्डवेयर के इंपोर्ट ड्यूटी में भी बदलाव संभव है।

कितनी होनी चाहिए इंपोर्ट ड्यूटी

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबित इंपोर्ट ड्यूटी के लिए 50-55 आइटम्स की लिस्ट तैयार है। ड्यूटी इनवर्जन से बचने के लिए ये कदम उठाया जा सकता है। इंडस्ट्री ने सरकार को 3 अलग दर तय करने का सुझाव दिया है। इंडस्ट्री ने कहा है कि कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी की दर 0-2.5 फीसदी होनी चाहिए। वहीं,इंटरमीडियरीज पर इंपोर्ट ड्यूटी की दर 2.5-5 फीसदी होनी चाहिए। जबकि तैयार माल पर इंपोर्ट ड्यूटी की दर 7.5-10 फीसदी होनी चाहिए। वाणिज्य और वित्त मंत्रालय में इस मामले पर पिछले हफ्ते बैठक भी हुई है।

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