India Budget 2025: अब इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए हो जाइए तैयार, 1 फरवरी निर्मला सीतारमण करेंगी बड़े ऐलान

सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के इस्तेमाल में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाना चाहती है। सरकार ने 2030 तक व्हीकल्स की कुल बिक्री में ईवी की 30 फीसदी हिस्सेदारी का टारगेट तय किया है। ईवी इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का कहना है कि इसके लिए सरकार को बड़े प्रोत्साहन के ऐलान करने होंगे

अपडेटेड Feb 01, 2025 पर 6:26 AM
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अभी देश में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क पर्याप्त नहीं है। इसे बढ़ाने के लिए सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने पर सब्सिडी का ऐलान करेगी।

Budget 2025: अगर आप पेट्रोल कार या स्कूटर खरीदने जा रहे हैं तो अपना प्लान बदल दीजिए। सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए बड़े ऐलान करने जा रही है। इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने सरकार को कई सलाह दी है। सरकार साल 2030 व्हीकल्स की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की 30 फीसदी हिस्सेदारी चाहती है। इसके लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट में 1 फरवरी को बड़े ऐलान करेंगी।

ईवी के लिए सस्ते लोन

सरकार लोगों को Electric Vehicle खरीदने के लिए सस्ता लोन उपलब्ध कराने जा रही है। इसके लिए वह बैंकों और एनबीएफसी को निर्देश देगी। ईवी खरीदने के लिए बैंक और एनबीएफसी कम से कम 2 फीसदी कम इंटरेस्ट रेट पर लोन देंगे। बैंकों और एनबीएफसी को इससे होने वाले घाटे की भरपाई सरकार करेगी। इससे ईवी खरीदने में आम लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी।

ईवी लोन पर टैक्स छूट


सरकार इलेक्ट्रिक कार या स्कूटर खरीदने के लोन पर टैक्स डिडक्शन देगी। ईवी लोन के इंटरेस्ट पर पूरा डिडक्शन मिलेगा। इसके लिए कोई सीमा नहीं होगी। इससे ईवी खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। अभी आम लोग ईवी खरीदने में इसलिए दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं , क्योंकि इनकी कीमतें ज्यादा हैं। टैक्स बेनेफिट भी नहीं है।

ईवी पार्ट्स पर जीएसटी में कमी

सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर जीएसटी घटाने जा रही है। लंबे समय से ईवी इंडस्ट्री के प्रतिनिधि ईवी में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर जीएसटी घटाने की मांग कर रहे हैं। अभी ईवी पार्ट्स पर 18 फीसदी और 28 फीसदी तक जीएसटी लगता है। ईवी पार्ट्स पर जीएसटी घटने से ईवी की कीमतों में भी कमी आएगी।

चार्जिंग स्टेशन लगाने पर सब्सिडी

अभी देश में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क पर्याप्त नहीं है। इसे बढ़ाने के लिए सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने पर सब्सिडी का ऐलान करेगी। इससे ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। अभी कई लोग ईवी खरीदने का फैसला इसलिए नहीं लेते हैं क्योंकि छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में चार्जिंग स्टेशन का अभाव है। सरकार से सब्सिडी मिलने पर ईवी के चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क पूरा करने में मदद मिलेगी।

बैटरी के घरेलू उत्पादन पर फोकस

सरकार बैटरी के घरेलू उत्पादन पर फोकस बढ़ा सकती है। अभी बैटरी सेल्स का आयात करना पड़ता है। इसका आयात चीन से होता है। अगर सरकार देश में ही इसका उत्पादन करने पर फोकस बढ़ाती है तो इससे इसकी कॉस्ट में कमी आ सकती है। इसके लिए सरकार बजट में स्कीम का ऐलान करेगी। अभी ईवी की कुल कीमत में बैटरी की कीमत की काफी ज्यादा हिस्सेदारी होती है।

 

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