यूनियन बजट 2025 पेश होने में एक महीने से कम समय रह गया है। इस बीच, इनकम टैक्स में राहत को लेकर चर्चा बढ़ गई है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार इनकम टैक्स की नई रीजीम में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती है। इनकम टैक्स की नई रीजीम की शुरुआत बजट 2020 में हुई थी। तब से सरकार लगातार इसका अट्रैक्शन बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पिछले साल 23 जुलाई को पेश यूनियन बजट में भी सरकार ने नई टैक्स रीजीम के टैक्सपेयर्स के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ा दिया था।
कंजम्प्शन बढ़ाने पर सबसे ज्यादा फोकस
इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों और इकोनॉमिस्ट्स ने बजट-पूर्व मीटिंग में सरकार को कंजम्प्शन बढ़ाने के उपाय करने की सलाह दी है। कुछ बड़े इकोनॉमिस्ट्स का तो यहां तक कहना है कि सरकार को डिमांड बढ़ने के लिए बड़े कदम उठाने की जरूरत है। इससे सरकार की वित्तीय स्थिति पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन इकोनॉमी की ग्रोथ बढ़ाने के लिए ऐसा करना जरूरी है। हालांकि, सरकार की कोशिश इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने वाले उपाय शु्रू करने के साथ अपनी वित्तीय स्थिति को भी बेहतर करने पर होगी। सरकार Union Budget 2025 दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए कुछ बड़े ऐलान कर सकती है।
जीएसटी के नियमों को आसान बनाने के उपाय
इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने सरकार को जीएसटी के नियमों को भी आसान बनाने की सलाह दी है। इससे बिजनेसेज पर कंप्लायंस का बोझ घटेगा। सूत्रों का कहना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2025 को इस बारे में बड़ा ऐलान कर सकती हैं। सरकार MSME और एग्रो-फार्मिंग सेक्टर की मदद के लिए भी संभावित उपायों पर विचार कर रही है। सरकार दोनों सेक्टर के लिए नई क्रेडिट स्कीम का ऐलान कर सकती है। एमएसएमई और एग्रो-फार्मिंग सेक्टर इकोनॉमी की ग्रोथ के लिहाज से काफी अहम हैं। दोनों सेक्टर एंप्लॉयमेंट के लिहाज से भी दूसरे सेक्टर्स से आगे हैं।
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कुछ सेक्टर के नियम होंगे आसान
उम्मीद है कि सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर भी फोकस करेगी। सरकार कुछ सेक्टर से जुड़े नियमों को आसान बनाने के लिए कदम उठा सकती है। इससे देशी और विदेशी बढ़ाने में मदद मिलेगी। कुछ नए सेक्टर को PLI स्कीम के दायरे में लाने का ऐलान भी यूनियन बजट 2025 में हो सकता है। अभी इस स्कीम के तहत 14 सेक्टर आते हैं। मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने में यह स्कीम मददगार रही है।