Budget 2025: GST के तहत आएगा पेट्रोल-डीजल? बजट के बाद कम होंगे Petrol-Diesel के दाम

Budget 2025: हर साल बजट से आम लोगों और इंडस्ट्री को नई उम्मीदें होती हैं। इस बार भी 1 फरवरी 2025 को फाइनेंस मिनिस्टर अपन बजट पेश करेगी। ये मोदी सरकार के तीसरे टर्म का पहला पूर्ण बजट होगा। ऐसी उम्मीद है कि सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर GST लागू करने का ऐलान कर सकती है

अपडेटेड Jan 27, 2025 पर 4:06 PM
Story continues below Advertisement
Budget 2025: सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर GST लागू करने का ऐलान कर सकती है।

Budget 2025: हर साल बजट से आम लोगों और इंडस्ट्री को नई उम्मीदें होती हैं। इस बार भी 1 फरवरी 2025 को फाइनेंस मिनिस्टर अपन बजट पेश करेगी। ये मोदी सरकार के तीसरे टर्म का पहला पूर्ण बजट होगा। ऐसी उम्मीद है कि सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर GST लागू करने का ऐलान कर सकती है। एनर्जी सेक्टर के एक्सपर्ट को उम्मीद है कि पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाने से इनकी कीमतों में कमी आएगी। औसतन देश में पेट्रोल की कीमत 94 रुपये से 103 रुपये के बीच है। वहीं, डीजल की कीमत 87 रुपये के आसपास है। अगर सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाती है तो इसकी कीमतें कम हो सकती है।

पेट्रोल-डीजल पर अभी कौन-कौन से लगते हैं टैक्स?

फिलहाल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स जैसे पेट्रोल, डीजल, नेचुरल गैस और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) जैसे टैक्स लगाए जाते हैं। हर राज्य में VAT की दरें अलग होती हैं, जिससे इनकी कीमतें एक राज्य से दूसरे राज्य में अलग-अलग होती हैं। 2017 में जब GST लागू हुआ, तब सरकार ने वन नेशन, वन टैक्स का टारगेट रखा था। लेकिन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को GST से बाहर रखा गया। अब अगर सरकार इन्हें GST के तहत लाने का फैसला करती है, तो एक समान टैक्स लगाने से फ्यूल की कीमतें पूरे देश में बराबर हो सकती हैं। यानी, सभी राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एकसमान हो सकती है।


कैसे कम हो सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

GST लागू होने से फ्यूल पर अलग-अलग टैक्स हट जाएंगे और सिर्फ एक टैक्स लागू होगा। इससे कीमतें कम हो सकती हैं। अभी फ्यूल की कीमत चार प्रमुख घटकों से बनती है।

बेसिक कीमत: इसमें फ्यूल की प्रोडक्शन कॉस्ट और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट शामिल होती है।

डीलर का कमीशन: बेसिक कीमत में डीलर का कमीशन जोड़ा जाता है।

एक्साइज ड्यूटी: केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है।

VAT: राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट लगाती हैं।

GST लागू होने से एक्साइज ड्यूटी और वैट हट जाएगा, जिससे कीमतों में कमी आएगी।

GST से क्या होगा फायदा?

देशभर में समान कीमतें: GST लागू होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें हर राज्य में एक समान हो जाएंगी।

इंडस्ट्री को राहत: फ्यूल सस्ता होने से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की कॉस्ट कम होगी। इसका असर प्रोडक्ट्स की कीमतों पर भी पड़ेगा, जिससे ग्राहकों को फायदा होगा।

इनपुट टैक्स क्रेडिट: ट्रेडर्स GST के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम कर सकेंगे, जिससे उनकी लागत घटेगी।

क्या कहती है इंडस्ट्री?

कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) ने सरकार से फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने की मांग की है। ऐसा होने पर पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो सकते हैं और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटने से चीजें सस्ती हो सकती हैं। GST लागू होने से फ्यूल की कीमतें कम होंगी और आम जनता को राहत मिलेगी। हालांकि, सरकार को राज्यों के साथ मिलकर इस पर सहमति बनानी होगी, क्योंकि VAT राज्यों की बड़ी कमाई का जरिया है। बजट में GST को लेकर ऐलान नहीं होता लेकिन सरकार बजट में पेट्रोल-डीजल को साथ लाने को लेकर हिंट दे सकती है।

Budget 2025: बजट में क्या होगा सस्ता-महंगा? आम आदमी को कहां मिल सकती है राहत

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।