Budget 2025: केंद्रीय बजट 2025 में रोजगार पैदा करने को दी जानी चाहिए प्राथमिकता, CII की मांग

भारत अब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है, जिसकी आबादी 1.45 अरब है। मात्र 29 साल की औसत उम्र के साथ, भारत एक युवा देश भी है और 2050 तक इसकी वर्किंग एज वाली आबादी में 133 मिलियन लोग जुड़ने वाले हैं। CII ने कहा कि इस युवा आबादी को प्रोडक्टिव बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना जरूरी है

अपडेटेड Jan 05, 2025 पर 6:02 PM
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Budget 2025: केंद्रीय बजट 2025 में रोजगार पैदा करने को दी जानी चाहिए प्राथमिकता, CII की मांग

शीर्ष व्यापार चैंबर CII ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 में भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश का दोहन करने और आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता देना जारी रखना चाहिए। इसमें इस बात पर रोशनी डाली गई कि वित्त वर्ष 2025 के केंद्रीय बजट में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना सहित कई पहलों की रूपरेखा तैयार की गई है। CII के बयान में कहा गया है कि आगामी बजट में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए और उपायों की घोषणा की जा सकती है।

भारत अब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है, जिसकी आबादी 1.45 अरब है। मात्र 29 साल की औसत उम्र के साथ, भारत एक युवा देश भी है और 2050 तक इसकी वर्किंग एज वाली आबादी में 133 मिलियन लोग जुड़ने वाले हैं। CII ने कहा कि इस युवा आबादी को प्रोडक्टिव बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना जरूरी है।

नौकरी पर और क्या मांग?


व्यापार मंडल ने एक एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति का प्रस्ताव दिया है, जिसके दायरे में अलग-अलग मंत्रालयों की ओर से वर्तमान में शुरू की जा रही रोजगार सृजन योजनाओं को शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा, सिंगल इंटीग्रेटेड एंप्लॉयमेंट पोर्टल पोर्टल - नेशनल कैरियर सर्विस (NCS) पर भी आधारित हो सकती है, जिसमें अलग-अलग मंत्रालयों और स्टेट पोर्टलों से सभी डेटा फ्लो हो सकते हैं।

इस संदर्भ में, NCS के अंतर्गत यूनिवर्सल लेबर इनफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (ULIMS) के विकास पर गौर करना जरूरी है। इससे रोजगार के अवसरों और अनुमानों, जॉब क्लासिफिकेशन, स्किल की मांग और अनुमानों के अनुरूप ट्रेनिंग के मौकों के बारे में जानकारी मिलेगी।

धारा 80JJAA की जगह पर एक नई धारा का प्रस्ताव

बजट के लिए अपनी विश लिस्ट में, CII ने नए रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए धारा 80JJAA की जगह पर एक नई धारा का प्रस्ताव किया है। नया प्रावधान ग्रॉस टोटल इनकम से चैप्टर VIA कटौती के रूप में जारी रहना चाहिए, जो टैक्स पेयर की ओर से रियायती टैक्स व्यवस्था का विकल्प चुनने पर भी उपलब्ध होगा।

यह किसी भी टैक्सपेयर को उपलब्ध कराया जा सकता है, जो व्यवसाय या पेशा करता है और टैक्स ऑडिट के लिए उत्तरदायी है। बयान में कहा गया है कि यह कटौती संबंधित टैक्स ईयर में भुगतान किए गए वेतन के संदर्भ में नई नौकरी के पहले तीन सालों के लिए दी जा सकती है, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 1 लाख रुपए प्रति माह है।

CII ने कंस्ट्रक्शन, टूरिज्म, टैक्सटाइल और लॉ स्किल मैन्युफैक्चरिंग जैसे रोजगार-प्रधान सेक्टर के लिए टारगेट सपोर्ट की भी मांग की है।

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