Budget 2025: देश में हर साल बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाता है। क्या आपको पता है कि साल 1999 से पहले तक बजट सुबह 11 बजे की जगह शाम 5 बजे पेश किया जाता था। शाम को पांच बजे बजट पेश करने की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही थी जिसे साल भाजपा सरकार ने खत्म किया। यहां जानें क्यों चली आ रही थी अंग्रेजों की परंपरा..।
यूनियन बजट पेश होने के समय और तारीख में बदलाव
यूनियन बजट को लेकर कई परंपराएं समय के साथ बदली गई हैं। 1999 से पहले बजट को हर साल फरवरी की अंतिम तारीख को शाम 5 बजे पेश किया जाता था। यह परंपरा ब्रिटिश शासन से चली आ रही थी। लेकिन 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसे बदल दिया। उन्होंने बजट पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर दिन में 11 बजे कर दिया। इस बदलाव को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने मंजूरी दी।
बजट पेश करने की तारीख में बदलाव
2017 में बजट पेश करने की तारीख भी बदली गई। तब वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पहली बार 28 फरवरी के बजाय 1 फरवरी को बजट पेश किया। उनका मानना था कि इस बदलाव से बजट पर चर्चा और पारित कराने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। इससे 1 अप्रैल से सभी बजट प्रावधानों को लागू करना आसान हो गया।
सबसे लंबा बजट भाषण 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया। उनका भाषण 2 घंटे 42 मिनट चला। हालांकि स्वास्थ्य कारणों से वह इसे पूरा नहीं कर सकीं और उनके दो पेज बच गए थे।
आजादी के बाद पहला बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आरके शणमुखम चेट्टी ने पेश किया। इसमें सरकार के सालभर के राजस्व और खर्च का विवरण शामिल था। आजादी से पहले पहला बजट 1860 में जेम्स विल्सन ने पेश किया था। यह बजट अंग्रेजी में तैयार किया गया था और ब्रिटिश शासन की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया था। समय के साथ बजट पेश करने की परंपराओं में बदलाव भारत की बदलती जरूरतों को दर्शाते हैं। ये बदलाव बजट को पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद करते हैं।
सरकार 1 फरवरी 2025 को बजट पेश करेगी। ये मोदी सरकार के तीसरे टर्म का पहला पूर्ण बजट होगा। सरकार के पहले फुल बजट से आम लोगों को काफी उम्मीदें हैं।