Budget 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को संसद में आम बजट पेश करेंगी। यह बजट फाइनेंशियल ईयर 2025-26 यानी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के लिए होगा। बजट में सरकार की आय और खर्च का लेखा-जोखा होगा। आम बजट न केवल देश की आर्थिक नीतियों को आकार देता है, बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी को पर भी सीधे असर डालता है।
केंद्रीय बजट सरकार की आय यानी इनकम और खर्चों की पूरी जानकारी देता है। इसमें सरकार की अलग योजनाओं और परियोजनाओं के लिए पैसे का आवंटन किया जाता है। इसमें डिफेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और सब्सिडी जैसे एरिया को शामिल किया जाता है।
बजट से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
हर साल 1 फरवरी को आम बजट पेश किया जाता है। बजट को संसद में पेश करने से पहले मंत्रिमंडल की मंजूरी ली जाती है। चुनावी सालों में बजट दो हिस्सों में पेश होता है अंतरिम बजट और पूर्ण बजट।
1999 तक बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था। 1999 में इसे सुबह 11 बजे पेश करने की परंपरा शुरू हुई। 2017-18 में इसे 1 फरवरी को पेश करने का निर्णय लिया गया और अलग से रेल बजट पेश करने की परंपरा समाप्त कर दी गई।
बजट दो हिस्सों में होता है बंटा
राजस्व बजट: इसमें सरकार के दैनिक खर्च जैसे वेतन, पेंशन और नियमित सेवाओं का मैनेजमेंट किया जाता है।
पूंजी बजट: इसमें बुनियादी ढांचा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे लंबे समय तक चलने वाली योजानाओं के निवेश की जानकारी होती है। बजट तैयार करने के लिए अलग-अलग विभागों, एक्सपर्ट और स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठकें की जाती हैं। इन बैठकों में देश की आर्थिक जरूरतों पर चर्चा की जाती है।
केंद्रीय बजट देश की आर्थिक नीतियों को तय करता है। यह कर व्यवस्था, लोक कल्याण योजनाओं और विकास परियोजनाओं को सीधे प्रभावित करता है। यह सरकार और आम जनता दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है। आम बजट से सभी वर्गों को उम्मीदें होती हैं, खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार सरकार किन योजनाओं और नीतियों की घोषणा करती है।