Budget 2026: वित्त अधिनियम 2022 के साथ भारत में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल परिसंपत्तियों को पहली बार स्पष्ट रूप से टैक्स के दायरे में लाया गया। इन्हें सामूहिक रूप से वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) कहा गया। केंद्रीय बजट 2022 में वित्त मंत्री ने यह साफ किया था कि डिजिटल परिसंपत्तियों में लेनदेन का आकार और रफ्तार इतनी तेजी से बढ़ रही है कि इसके लिए एक अलग टैक्स ढांचा जरूरी हो गया है। यह कदम इस बात का संकेत था कि सरकार ने भारत की वित्तीय व्यवस्था में क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स की बढ़ती भूमिका को स्वीकार कर लिया है और अब इन्हें अनौपचारिक दायरे से निकालकर टैक्स सिस्टम के भीतर लाना चाहती है।
