Budget 2026: क्या रविवार 1 फरवरी को ही पेश होगा आम बजट? आज हो सकता है बड़ा फैसला

Budget 2026 Date: देश के सबसे अहम आर्थिक दस्तावेज, आम बजट 2026 की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आमतौर पर बजट हर साल 1 फरवरी को पेश किया जाता है, लेकिन इस बार सवाल इसलिए खड़ा हो गया है क्योंकि 1 फरवरी 2026 को रविवार पड़ रहा है

अपडेटेड Jan 07, 2026 पर 10:29 AM
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Budget 2026 Date: 1999 में यशवंत सिन्हा ने रविवार के दिन बजट पेश किया था

Budget 2026 Date: देश के सबसे अहम आर्थिक दस्तावेज, आम बजट 2026 की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आमतौर पर बजट हर साल 1 फरवरी को पेश किया जाता है, लेकिन इस बार सवाल इसलिए खड़ा हो गया है क्योंकि 1 फरवरी 2026 को रविवार पड़ रहा है। इसके साथ ही इसी दिन गुरु रविदास जयंती भी है, जिससे कन्फ्यूजन और बढ़ गया है।

सूत्रों के मुताबिक, बजट की तारीख पर आज अहम फैसला लिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि आज संसदीय मामलों की कैबिनट कमिटी (CCPA) की बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में बजट पेश करने की तारीख को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा होगी। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल 1 फरवरी (रविवार) को ही बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा गया है।

अगर CCPA की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो औपचारिक रूप से बजट की तारीख पर मुहर लग जाएगी।


क्यों बना है कन्फ्यूजन?

दरअसल, 2017 से पहले आम बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश किया जाता था। लेकिन नीति में बदलाव के बाद सरकार ने बजट को हर साल 1 फरवरी को पेश करने की परंपरा शुरू की। इस बार दिक्कत यह है कि 1 फरवरी रविवार को है, जब संसद और सरकारी दफ्तर दोनों सामान्य तौर पर बंद रहते हैं। इसी वजह से यह सवाल उठ रहा है कि क्या रविवार के दिन संसद का विशेष सत्र बुलाकर बजट पेश किया जाएगा?

इसके अलावा, 1 फरवरी को गुरु रविदास जयंती भी है। भले ही यह दिन सरकारी कैलेंडर में Restricted Holiday के तौर पर दर्ज है, लेकिन रविवार और त्योहार के एक साथ पड़ने से मामला थोड़ा संवेदनशील हो गया है।

आगे की प्रक्रिया क्या है?

बजट और संसद सत्र की तारीख तय करने की जिम्मेदारी संसदीय मामलों की कैबिनट कमिटी (CCPA) की होती है। यही समिति यह तय करती है कि संसद का सत्र कब शुरू होगा, बजट किस दिन पेश किया जाएगा और आर्थिक सर्वे की तारीख क्या होगी।

आमतौर पर CCPA की यह बैठक जनवरी के पहले हफ्ते में होती है। इसी दौरान सरकार आधिकारिक तौर पर साफ कर देगी कि बजट 1 फरवरी को ही पेश होगा या फिर तारीख में बदलाव किया जाएगा।

इतिहास क्या बताता है?

यह पहली बार नहीं है जब बजट की तारीख वीकेंड पर पड़ी हो। पहले जब बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश होता था, तब कई बार शनिवार को बजट रखा गया। 2015 और 2016 में अरुण जेटली ने शनिवार को बजट पेश किया था। 1999 में यशवंत सिन्हा ने रविवार के दिन बजट प्रस्तुत किया था। इससे साफ है कि अगर सरकार चाहे, तो छुट्टी वाले दिन भी संसद का विशेष सत्र बुलाकर बजट पेश किया जा सकता है।

आम आदमी के लिए इसका मतलब

अगर बजट 1 फरवरी (रविवार) को पेश होता है, तो संभव है कि संसद उस दिन काम करे और आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को पेश किया जाए। वहीं, अगर सरकार तारीख बदलने का फैसला करती है, तो बजट 2 फरवरी को भी आ सकता है। फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सरकार के सामने दो ही विकल्प हैं। या तो 1 फरवरी (रविवार) को ही बजट पेश किया जाए, या फिर तारीख आगे बढ़ाई जाए।

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