Budget 2026 Expectations:सोना और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया है। घरेलू बाजार में सोने के भाव 1 लाख 60 हजार प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया है, जबकि चांदी 3 लाख 40 हजार प्रति किलो के करीब कारोबार कर रही है। इंटरनेशनल मार्केट में भी सोना लगभग 5 हजार डॉलर और चांदी करीब 100 डॉलर के स्तर पर है। सोने की कीमतों में तेजी की वजह ग्लोबल टेंशन, ग्रीनलैंड से जुड़ा विवाद और रुपए की कमजोरी है।
वहीं चांदी की कीमतों को बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड का सपोर्ट मिल रहा है। दूसरी तरफ एक दिन पहले की गिरावट के बाद गोल्ड और सिल्वर ETF में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है। कई ETF में इंट्रा-डे कारोबार के दौरान तो 17 फीसदी तक की तेजी देखने के मिली।
ऐसे में सवाल उठता है कि सोने-चांदी की रिकॉर्ड तेजी के बाद अब इंडस्ट्रीज बजट में वित्त मंत्री से ढ़ेर सारी उम्मीदें लगा कर बैठी है। इंपोर्ट ड्यूटी घटाने, SEZ, एक्सपोर्ट नियमों में छूट और गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम जैसे तमाम पहलूओं पर क्या वित्त मंत्री ध्यान देगी और क्या है इंडस्ट्री की सरकार से मांग आइए डालते है नजर।
सोने के इंपोर्ट पर ड्यूटी में हो कटौती
GJC के VC अविनाश गुप्ता ने कहा कि GJC ने सरकार से सोने के इंपोर्ट पर ड्यूटी घटाने की मांग है। ड्यूटी 5% से घटाकर 3% करने की मांग है। क्योंकि सोने के दाम बढ़ने से सोने का इंपोर्ट 25-26% गिरा। इसी वजह से आर्बिट्राज का अंतर भी तेजी से बढ़ रहा है। आर्बिट्राज का अंतर कम करने की जरूरत है। ड्यूटी कम करने पर भी सरकर को नुकसान नहीं होगा। ड्यूटी कम होगी तो इंडस्ट्री को थोड़ी राहत मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि देश के घरों में बड़ी मात्रा में सोना रखा हुआ है। इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करने पर फोकस करना चाहिए। घरें का सोना बाहर लाने पर सरकार से बातचीत जारी है। पुरानी नीति पर सुधार के साथ नियम आएंगे। डिजिटल गोल्ड की मांग तेजी से बढ़ी है। डिजिटल गोल्ड पर रेगुलेशन लाने की जरूरत है। SEBI या RBI को रेगुलेटर बनना चाहिए। डिजिटल गोल्ड के निवेशकों को सुरक्षा मिलेगी। हमारी मांग है कि सरकार डिजिटल गोल्ड पर रेगुलेशन लाए और बजट में रेगुलेटेड फॉरमैट का ऐलान करे।
SEZ को घरेलू बाजार के लिए खोला जाए
काशी ज्वैलर्स के मैनेजिंग पार्टनर श्रेयांश कपूर का कहना है कि सोने कीमतों में तेजी से मांग में गिरावट आई है। दाम बढ़ने से शादियों की खरीदारी भी गिरी है। बजट में सरकार खरीद की सीमा को बढ़ाए और इसे 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख करें। उन्होंने आगे कहा कि इंपोर्ट घटेगा तो इंडस्ट्री, लोगों को राहत मिलेगी। दाम ज्यादा होने से सोने की मांग गिर रही है। अभी SEZ में बने गहने एक्सपोर्ट ही होते हैं। US टैरिफ बढ़ने से भारत का एक्सपोर्ट गिरा है। SEZ को घरेलू बाजार के लिए खोलने की मांग है। SEZ में बने गहने घरेलू बाजार में बेचने की मंजूरी मिलनी चाहिए।
अपनी विश लिस्ट पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि SGB निवेश का एक बेहतरीन विकल्प था। घरों में पड़ा सोना लोगों से बाहर लाने की मांग है। टेस्टिंग करके सोने का सही दाम मिल रहा है। लोग पुराने गहनों को बेचकर नया सोना ले रहे हैं। ऐसे में सरकार को गोल्ड सर्कुलेशन स्कीम को लाने की जरुरत है।
एक्सपोर्ट के नियमों में राहत दे वित्तमंत्री
अनमोल सिल्वर के सीईओ किशोर रूनवाल ने कहा कि हमारी FM से GST की दर घटाने की मांग है। GST 3% से घटाकर 1% करने की मांग है। GST घटने से लोगों को राहत मिलेगी। छोटे ज्वेलर्स को भी बड़ी राहत मिलेगी। दाम बढ़ने से छोटे ज्वेलर्स को ज्यादा नुकसान हुआ। GST घटने से पूरी इंडस्ट्री को राहत मिलेगी।
साथ ही वित्त मंत्री से एक्सपोर्ट के नियमों में राहत देने की मांग है । पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग है। WGC के तर्ज पर वर्ल्ड सिर्वर काउंसिल बने। देश में सिल्वर पार्क को भी बढ़ावा देने की जरूरत है और चांदी का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है। उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की मदद जरूरी है। छोटे ज्वैलर्स का कारोबार बहुत गिर गया है।
सिल्वरजोन के पार्टनर हार्दिक राणावत ने कहा कि सरकार से इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की मांग है। ड्यूटी को 6% से घटाकर 3% करने की मांग है। दाम बढ़ने के कारण चांदी की मांग गिरी है। दूसरे देशों में चांदी की इंपोर्ट ड्यूटी काफी कम है। ड्यूटी घटने इंडस्ट्री, लोगों को राहत मिलेगी। ड्यूटी घटती है को इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा। चांदी के दाम बढ़ने से लागत काफी बढ़ गई है। चांदी के दाम बढ़ने से मांग लगातार गिर रही है। पिछले 1 महीने से मांग में काफी गिरावट आई है। देश में चांदी के दाम प्रीमियम पर चल रहे हैं। प्रीमियम के कारण भी मांग में दबाव है। पहले जो सोना नहीं ले पाते थे वो चांदी खरीद लेते थे। दाम बढ़ने के कारण चांदी की मांग लगातार गिरी है।
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