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Budget 2026 Expectations: इंडस्ट्री से लेकर शिक्षा, हेल्थ, इंश्योरेंस, टेक्नोलॉजी, हर सेक्टर को सरकार से बड़ी उम्मीदें

Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देश के अलग-अलग सेक्टरों में उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। एक ओर जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर तेज विकास की राह देख रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 27, 2026 पर 6:35 PM
Budget 2026 Expectations: इंडस्ट्री से लेकर शिक्षा, हेल्थ, इंश्योरेंस, टेक्नोलॉजी, हर सेक्टर को सरकार से बड़ी उम्मीदें
Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देश के अलग-अलग सेक्टरों में उम्मीदें तेज होती जा रही हैं।

Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देश के अलग-अलग सेक्टरों में उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। एक ओर जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर तेज विकास की राह देख रहा है, वहीं दूसरी ओर हेल्थकेयर, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे एरिया में नीतिगत प्लानिंग की उम्मीद कर रहे हैं।

रिटायरमेंट और पेंशन प्लानिंग को लेकर पीबी फिनटेक के जॉइंट ग्रुप सीईओ सरबवीर सिंह का कहना है कि भारत तेजी से बुजुर्ग आबादी वाला देश बन रहा है। भारत का जनसांख्यिकीय बदलाव अब भविष्य की चुनौती नहीं, बल्कि आज की सच्चाई बन चुका है। देश में इस समय 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 14 करोड़ से ज्यादा है, जो कुल आबादी का लगभग 10 प्रतिशत है। अनुमान है कि 2047 तक यह आंकड़ा लगभग दोगुना हो जाएगा और तब हर पांच में से एक भारतीय 60 साल से ऊपर की उम्र का होगा। ऐसे में NPS जैसे पेंशन प्रोडक्ट को नए टैक्स रिजीम में भी प्रोत्साहन देना जरूरी है, ताकि लोग रिटायरमेंट के बाद आत्मनिर्भर रह सकें।

पेंट्स और कोटिंग इंडस्ट्री की बात करें तो शालीमार पेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ कुलदीप रैना मानते हैं कि सरकार की ओर से हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर लगातार फोकस ने इस सेक्टर को मजबूती दी है। बजट 2026 में टियर-2 और टियर-3 शहरों में रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने से इंटीरियर और एक्सटीरियर पेंट्स की मांग बढ़ सकती है। साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेक्स बढ़ने से इंडस्ट्रियल और प्रोटेक्टिव कोटिंग्स की खपत भी तेज होने की उम्मीद है। उनका मानना है कि कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी और टैक्स को तर्कसंगत किया गया तो आरएंडडी और मैन्युफैक्चरिंग निवेश को बड़ा सहारा मिलेगा।

डिजिटल एसेट्स और क्रिप्टो सेक्टर की बात करें तो कॉइनस्विच के को-फाउंडर आशीष सिंघल का मानना है कि मौजूदा टैक्स ढांचा छोटे निवेशकों के लिए चुनौती बना हुआ है। टीडीएस में कटौती और इसकी सीमा बढ़ाने से न सिर्फ लिक्विडिटी बढ़ेगी बल्कि ट्रांजैक्शन पारदर्शिता भी बेहतर होगी। उनका मानना है कि अब जब निगरानी और अनुपालन मजबूत हो चुका है, तो बजट 2026 टैक्स ढांचे की समीक्षा का सही मौका है।

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