Budget 2026 Expectations: निर्मला सीतारमण के इन उपायों से गेमिंग और ईस्पोर्ट्स इंडस्ट्री में लौट सकती है रौनक

गेमिंग इंडस्ट्री को उम्मीद है कि इस बार यूनियन बजट में सरकार गेमिंग और ईस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने वाली पॉलिसी का ऐलान कर सकती है। गेमिंग और ईस्पोर्ट्स इंडस्ट्री मोबाइल, पीसी कॉनसोल गेमिंग को लेकर टैक्स फ्रेमवर्क के मामले में स्पष्टता चाहती है

अपडेटेड Jan 15, 2026 पर 2:55 PM
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आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने ईस्पोर्ट्स गेम्स को बढ़ावा देने के लिए स्कीम लाने का वादा किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में दिल्ली में 'विकसित भारत यंग डायलॉग 2026' में एक सवाल पूछा था। उन्होंने पूछा था कि क्या इंडिया अपने महाग्रंथों-रामायण और महाभारत को ग्लोबल गेमिंग स्टेज पर पहुंचा सकता है? क्या भगवान हनुमान दुनियाभर के गेमिंग पर आ सकते हैं। प्रधानमंत्री के इन सवालो ने गेमिंग इंडस्ट्री की उम्मीदें जगा दी हैं।

गेमिंग और ईस्पोर्ट्स इंडस्ट्री को बजट से कई उम्मीदें

गेमिंग इंडस्ट्री को उम्मीद है कि इस बार यूनियन बजट में सरकार गेमिंग और ईस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने वाली पॉलिसी का ऐलान कर सकती है। एलवीएल जीरो इनक्यूबेटर में इनक्यूबेशन के हेड सागर नायर ने कहा कि इस साल के बजट में गेमिंग और ईस्पोर्ट्स के लिए बड़े ऐलान हो सकते हैं। खासकर व्यापक डिजिटल इकोनॉमी को ध्यान में रख सरकार कुछ ऐलान कर सकती है।


बजट में उपायों के ऐलान से गेमिंग इंडस्ट्री का आत्मविश्वास बढ़ेगा

S8UL Esports के को-फाउंडर और सीईओ अनिमेश अग्रवाल ने कहा कि प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के पारित होने के बाद अगर सरकार गेमिंग इंडस्ट्री के लिए कुछ ऐलान करती है तो वह इस ईकोसिस्टम के लिए बड़ा संकेत होगा। सरकार इस कानून को पारित कर रियल-मनी गेम्स पर रोक लगा दी है। उसने कॉम्पटिटिव ईस्पोर्ट्स और बेटिंग आधारित गेमिंग के बीच के फर्क को भी स्पष्ट कर चुकी है। इससे ईस्पोर्ट्स स्पेस को राहत मिली है।

विनिंग मनी पर टैक्स के नियम दूसरे स्पोर्ट्स जैसे होने चाहिए

आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने ईस्पोर्ट्स गेम्स को बढ़ावा देने के लिए स्कीम लाने का वादा भी किया है। नायर ने कहा कि हालांकि नए कानून में मुख्य सिद्धांतों के बारे में बताया गया है, लेकिन गेमिंग और ईस्पोर्ट्स इंडस्ट्री मोबाइल, पीसी कॉनसोल गेमिंग को लेकर टैक्स फ्रेमवर्क के मामले में स्पष्टता चाहती है। NODWIN Gaming के को-फाउंडर और एमडी अक्षत राठी ने कहा कि अगर ईस्पोर्ट्स को स्पोर्ट के रूप में मान्यता मिल जाती है तो प्राइज जीतने पर दूसरे स्पोर्ट्स जैसे टैक्स के नियम लागू होंगे। इसे गैंबलिंग और स्पेक्युलेशन मानकर टैक्स नहीं लगाया जाएगा।

अभी ईस्पोर्ट्स की प्राइज मनी पर 30 फीसदी टैक्स लगता है

ईस्पोर्ट्स की प्राइज मनी पर 30 फीसदी टैक्स लगता है, जबकि दूसरे खेलों में ईनामी रकम पर टैक्स के सामान्य नियम लागू होते हैं। उस पर ईनाम जीतने वाले खिलाड़ी के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। उन्होंने कहा, "टैक्स के नियमों के अलावा गेमिंग बिजनेसेज के बारे में अवधारणा बदलने की भी जरूरत है। फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस इसे ज्यादा रिस्क वाला बिजनेस मानते हैं।" अगर ईस्पोर्ट्स की प्राइज मनी पर दूसरे स्पोर्ट्स की तरह टैक्स लगाया जाता है तो इससे खेलो इंडिया में ईस्पोर्ट्स का रोल बढ़ेगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गेमिंग इंडस्ट्री की अहमियत की चर्चा कर चुके हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी गेमिंग की अहमियत की चर्चा कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि इंडिया में इस मार्केट का फायदा उठाने की कपैसिटी है। लेकिन, बजट में इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा जाता। नायर ने कहा कि यूनियन बजट 2022 में इस सेक्टर का उल्लेख था। वित्तमंत्री ने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एंड कॉमिक्स (एवीजीसी) प्रमोशन टास्क फोर्स का ऐलान किया था, लेकिन फंड ऐलोकेशन और इंप्लिमेंटेशन फ्रेमवर्क के बारे में स्पष्टता का अभाव है।

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