Budget 2026: इन शब्दों को समझिए, तभी पता चलेगा बजट आपका फायदा करेगा या नहीं
Budget 2026: केंद्रीय बजट को समझने के लिए बजट में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख शब्दावली को जानना जरूरी है। फिस्कल डेफिसिट, कैपिटल एक्सपेंडिचर, सेस, जीडीपी, कैपेक्स और फाइनेंस बिल जैसे शब्दों के अर्थ समझने से बजट की घोषणाओं और सरकार की नीतियों को आसानी से समझा जा सकता है
Budget 2026: बजट को गहराई से समझने के लिए इसमें इस्तेमाल होने वाले शब्दों
आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2026 पेश करेंगी। ये लगातार उनका नौवां बजट भाषण होगा और इसे देशभर के लोग बड़ी उत्सुकता से देख रहे हैं। बजट केवल सरकारी खर्च और आमदनी का विवरण नहीं होता, बल्कि इसमें आर्थिक नीतियों, कर व्यवस्था, विकास योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं का पूरा खाका होता है। हालांकि, बजट भाषण में कई ऐसे वित्तीय और तकनीकी शब्द इस्तेमाल होते हैं, जो आम जनता के लिए समझना मुश्किल हो सकता है। जैसे विनिवेश, राजकोषीय घाटा, कैपिटल एसेट आदि।
इन शब्दों को जानना जरूरी है ताकि हम समझ सकें कि सरकार का निर्णय हमारी जिंदगी, टैक्स, निवेश और रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों को कैसे प्रभावित करेगा। इसलिए बजट के दौरान इस्तेमाल होने वाले प्रमुख शब्दों और उनकी सरल व्याख्या को समझना हर नागरिक के लिए जरूरी है।
विनिवेश (Disinvestment)
जब सरकार किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेच देती है, तो इसे विनिवेश कहते हैं। ये शेयर किसी कंपनी या व्यक्ति को बेचा जा सकता है। इसका मकसद सरकार के पास मौजूद संपत्ति से पैसा जुटाना होता है।
बॉन्ड
अगर सरकार के पास पैसों की कमी हो जाए, तो वो बाजार से पैसा जुटाने के लिए बॉन्ड जारी करती है। इसे एक तरह का कर्ज माना जा सकता है, जिसे सरकार तय समय के बाद चुका देती है।
बैलेंस ऑफ पेमेंट
केंद्र सरकार और अन्य देशों के बीच होने वाले वित्तीय लेनदेन को बैलेंस ऑफ पेमेंट कहा जाता है।
बैलेंस बजट
जब सरकार का खर्च और आमदनी बराबर होती है, तो इसे बैलेंस बजट कहते हैं।
कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क)
जब किसी अन्य देश से सामान भारत आता है, उस पर जो कर लगता है, उसे कस्टम ड्यूटी कहते हैं।
एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क)
देश के भीतर बने उत्पादों पर लगने वाला कर एक्साइज ड्यूटी कहलाता है। पेट्रोल, डीजल और शराब इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)
सरकार के खर्च और आमदनी के बीच अंतर को पूरा करने के लिए लिया गया कर्ज राजकोषीय घाटा कहलाता है।
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर
प्रत्यक्ष कर वो टैक्स है जो आमदनी पर लगता है, जैसे आयकर या कॉरपोरेट टैक्स।
अप्रत्यक्ष कर वह टैक्स है जो सामान खरीदने या सेवाओं पर लगता है, जैसे GST, कस्टम्स ड्यूटी या एक्साइज ड्यूटी।
विकास दर (GDP)
देश में एक वित्तीय वर्ष में बनी कुल वस्तुएं और दी गई सेवाओं का मूल्य GDP कहलाता है।
कैपिटल एसेट और कैपिटल गेन्स
कैपिटल एसेट वो संपत्ति है जिसे निवेश या व्यवसाय के लिए खरीदा गया हो।
इससे होने वाला मुनाफा, जब इसे बेचा या ट्रांसफर किया जाए, उसे कैपिटल गेन्स कहते हैं।
कर निर्धारण साल और आयकर छूट
कर निर्धारण साल वो साल है जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष की आयकर राशि तय होती है।