Budget 2026: वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज, रविवार 01 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। इसमें उन्होंने विभन्न मंत्रायल और योजनाओं के लिए बजट आवंटन का प्रस्ताव दिया। उन्होंने केंद्रीय केंद्रीय बजट में सूचना और प्रसारण मंत्रालय को 4551.94 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव दिया है। इस राशि में से भारत के पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती के लिए एक बड़ी रकम रखी गई है। साथ ही एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग में टैलेंट डेवलपमेंट और कम्युनिटी रेडियो मूवमेंट को सपोर्ट करने के लिए भी फंड शामिल है।
लोकसभा में आज पेश केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री सीतारमण ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के लिए कुल ₹4551.94 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान ₹6103.02 करोड़ रुपये था। इसमें से सूचना और प्रचार के लिए 1476.83 करोड़ रुपये आवंटित किए, जबकि 2025-26 में इसका संशोधित अनुमान 1207.67 करोड़ रुपये था। वहीं, प्रसार भारती के लिए 2291.88 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और यह राशि वेतन और पेंशन सहित अन्य मामलों पर खर्च की जाएगी। इसमें बजट में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो, पब्लिकेशंस डिवीजन, न्यू मीडिया विंग, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर जैसे सरकारी मीडिया यूनिट्स के खर्च भी शामिल हैं।
ब्रॉडकास्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क डेवलपमेंट के लिए 509.24 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि 2025-26 में इसके लिए संशोधित अनुमान 550 करोड़ रुपये था।
प्रसार भारती के माध्यम से लागू की गई इस योजना का मकसद AIR नेटवर्क का डिजिटलीकरण और FMकरण, अधिक चैनलों को शामिल करने के लिए DTH प्लेटफॉर्म की क्षमता को अपग्रेड करना और दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाना है।
डेवलपमेंट कम्युनिकेशन और फिल्म कंटेंट के प्रसार के लिए 344.55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत सरकार फिल्म फेस्टिवल, नई फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री के प्रोडक्शन के माध्यम से भारतीय सिनेमा को बढ़ावा देती है और संरक्षित करती है। 2025-26 में संशोधित अनुमान 423.89 करोड़ रुपये था। बजट में डेवलपमेंट कम्युनिकेशन और सूचना प्रसार के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। भारत में कम्युनिटी रेडियो आंदोलन को सपोर्ट करने के लिए 8 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। यह उन समुदायों के लिए एक जरूरी कम्युनिकेशन टूल है जहां ज्यादातर लोग न तो पढ़ सकते हैं और न ही लिख सकते हैं।
बजट में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के लिए 89.97 करोड़ रुपये, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के लिए 80 करोड़ रुपये, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन के लिए 83 करोड़ रुपये, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए 11.22 करोड़ रुपये और नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NFDC) के लिए 35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।