बजट 2026 मैक्रो पॉलिसी के लिए एक नाजुक मोड़ पर है। जहां एक ओर सरकार से पब्लिक खर्च बढ़ाने और खपत को बढ़ावा देने की बढ़ती मांग है, वहीं दूसरी ओर एनालिस्ट्स का कहना है कि फिस्कल क्रेडिबिलिटी बनाए रखना भी उतना ही जरूरी होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि कम ब्याज दरें, घरेलू डिमांड और प्राइवेट सेक्टर क्रेडिट ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए एक और अहम पिलर बनी हुई हैं। यह बैकग्राउंड एक साल पहले के मुकाबले काफी ज्यादा सपोर्टिव है। RBI ने पिछले साल पॉलिसी रेट में 4 बार कटौती की। इसके चलते रेपो रेट अपने पीक 6.5 प्रतिशत से कुल 125 बेसिस पॉइंट्स कम होकर 5.25 प्रतिशत पर आ गई।
