सरकार का फोकस यूनियन बजट में एजुकेशन की क्वालिटी और स्किल डेवलपमेंट पर हो सकता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। इसमें एजुकेशन सेक्टर के लिए ऐलोकशन बढ़ाए जाने की भी उम्मीद है। अब तक सरकार का फोकस बजट में स्कूलों में दाखिला बढ़ाने पर रहा है।
भारत का एजुकेशन सिस्टम दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा
एजुकेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को अब एनरॉलमेंट की जगह एजुकेशन की क्वालिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल पर फोकस करना चाहिए। इंडिया दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा एजुकेशन सिस्टम वाला देश है। आबादी में युवाओं की ज्यादा है। आबादी में 25 साल से कम उम्र के लोगों का हिस्सा करीब 40 फीसदी है। भविष्य की टेक्नोलॉजी को ध्यान में रख इनके स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करना जरूरी है।
यूनियन बजट 2025 में 1.28 लाख करोड़ का आवंटन
सरकार ने यूनियन बजट 2026 में एजुकेशन के लिए 1.28 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया था। यह एक साल पहले के आवंटन से 6.22 फीसदी ज्यादा था। इसमें से 50,077.95 करोड़ रुपये का आवंटन हायर एजुकेशन के लिए किया गया था। पिछले इकोनॉमिक सर्वे के डेटा के मुताबिक, बीते 8 सालों में ग्रॉस एनरॉलमेंट रेशियो 23.7 फीसदी से बढ़कर 28.4 फीसदी हो गया है।
युवाओं में स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करने की सलाह
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को अब स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करने की जरूरत है। बिमटेक के डिप्टी डायरेक्टर पंकज प्रिय ने कहा, "सरकार का फोकस अब स्किल्ड टैलेंट बनाने, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और इंस्टीट्यूशनल कपैसिटी पर होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि बजट 2026 में अगर सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल और मल्टीलिंगुअल एजुकेशन पर रहता है तो इससे बड़ा बदलाव आ सकता है। उन्होंने नॉलेज आधारित इकोनॉमी के लिए स्टूडेंट्स को भी तैयार करने की सलाह दी।
भविष्य की टेक्नोलॉजी को सिलेबस से लिंक करने की जरूरत
उन्होंने यूनियन बजट 2026 में कपैसिटी बिल्डिंग, रिसर्च और रोजगार को प्राथमिकता में रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगले चरण के रिफॉर्म्स में फोकस क्वालिटी, रिसर्च कपैसिटी और रोजगार के मौके बढ़ाने पर होना चाहिए। उन्होंने सरकार को न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 को ध्यान में रख जेनरेटिव एआई और मशीन लर्निंग जैसी उभरती टेक्नोलॉजी को सिलेबस के साथ लिंक करने पर जोर दिया।