प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को प्रमुख अर्थशास्त्रियों और अलग-अलग सेक्टर के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। पीएम यूनियन बजट 2026 के बारे में उनकी राय जानेंगे। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। 2024 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनियन बजट 2025 से पहले प्रमुख अर्थशास्त्रियों से मुलाकात की थी।
नीति आयोग के वाइस चेयरमैन भी मौजूद रहेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अर्थशास्त्रियों और सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के दौरान नीति आयोग के वाइस चेयरमैन सुमन बेरी, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम के अलावा आयोग के दूसरे सदस्य भी मौजूद रहेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को अगले वित्त वर्ष का Union Budget पेश कर सकती हैं। हालांकि, सरकार ने इस बारे में अभी औपचारिक ऐलान नहीं किया है।
यूनियन बजट में ग्रोथ तेज करने के होंगे उपाय
यूनियन बजट 2026 ऐसे वक्त पेश हो रहा है, जब 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ का भारत के निर्यात पर असर पड़ा है। हालांकि, भारत की जीडीपी ग्रोथ काफी तेजी है। रिटेल इनफ्लेशन भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। आरबीआई के इंटरेस्ट रेट घटाने से कर्ज सस्ता हो गया है। इस साल आरबीआई रेपो रेट में 1.25 फीसदी की कमी कर चुका है। इससे होम लोन सहित दूसरे लोन लेने वाले लोगों को फायदा हुआ है।
रिफॉर्म्स पर हो सकता है सरकार का फोकस
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जीडीपी ग्रोथ की तेज रफ्तार बनाए रखने के लिए यूनियन बजट में सरकार का फोकस रिफॉर्म्स पर हो सकता है। सरकार पहले ही इकोनॉमी में डिमांड बढ़ाने के लिए जीएसटी के रेट्स में कमी कर चुकी है। इसका असर तीसरी और चौथी तिमाही के जीडीपी ग्रोथ के डेटा पर देखने को मिलेगा। लेकिन, अमेरिकी टैरिफ और विदेशी फंडों की बिकवाली से डॉलर के मुकाबले रुपये में इस साल बड़ी गिरावट आई है। यह डॉलर के मुकाबले करीब 6 फीसदी गिरा है।
टैक्सपेयर्स को भी यूनियन बजट से काफी उम्मीदें
यूनियन बजट 2026 से टैक्सपेयर्स को भी काफी उम्मीदें हैं। यूनियन बजट 2025 में सरकार ने सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स-फ्री करने का एलान किया था। इससे टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिली थी। टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि इस साल के बजट में भी सरकार उन्हें राहत देने के लिए बड़ा ऐलान कर सकती है। खासकर इनकम टैक्स की नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए बड़े ऐलान हो सकते हैं।