Budget 2026: रक्षा क्षेत्र के लिए बढ़ाया जाए बजट, आत्मनिर्भरता और टेक्नोलॉजी-बेस्ड डिफेंस इनोवेशन पर विशेष जोर देने की जरूरत- FICCI

Budget 2026: भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने और रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए एक मजबूत, आधुनिक और अच्छे संसाधन वाला डिफेंस आर्किटेक्चर महत्वपूर्ण हो गया है। भविष्य का युद्ध टेक्नोलॉजी-बेस्ड, मल्टी-डोमेन और सूचना-केंद्रित ऑपरेशन्स से परिभाषित होगा

अपडेटेड Jan 14, 2026 पर 11:46 AM
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रक्षा बजट बढ़ाना सिर्फ एक बजटीय विकल्प नहीं, बल्कि एक रणनीतिक जरूरत होनी चाहिए।

बजट 2026 में विकास को बढ़ावा देने वाले प्रोडक्टिव पूंजीगत खर्च को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, खासकर रक्षा क्षेत्र पर। क्योंकि यह ऐसा वक्त है, जब वैश्विक माहौल अनिश्चितता से भरा हुआ है। यह बात फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने अपने प्री-बजट मेमोरेंडम में कही है। FICCI के मुताबिक, रक्षा बजट बढ़ाना सिर्फ एक बजटीय विकल्प नहीं, बल्कि एक रणनीतिक जरूरत होनी चाहिए। बजट 2025 में रक्षा मंत्रालय को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6,81,210.27 करोड़ रुपये एलोकेट किए गए थे।

केंद्रीय बजट 2026 को 1 फरवरी को पेश किया जाना है। FICCI का मानना है कि भारत को टेक्नोलॉजी-बेस्ड डिफेंस इनोवेशन पर विशेष जोर देने की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत के विरोधी एडवांस्ड सैन्य टेक्नोलॉजी जैसे ऑटोनॉमस हथियार, हाइपरसोनिक सिस्टम, AI-सक्षम युद्ध आदि में भारी निवेश कर रहे हैं। इससे जोखिम बढ़ गया है। भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने और रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए एक मजबूत, आधुनिक और अच्छे संसाधन वाला डिफेंस आर्किटेक्चर महत्वपूर्ण हो गया है।

FICCI ने डिफेंस में 'आत्मनिर्भरता' पर अधिक जोर देने की वकालत की है। FICCI का मानना है कि भविष्य का युद्ध टेक्नोलॉजी-बेस्ड, मल्टी-डोमेन और सूचना-केंद्रित ऑपरेशन्स से परिभाषित होगा। संघर्ष तेजी से जमीन, हवा, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम डोमेन तक फैलेंगे। ऐसी चुनौतियों के लिए भारत को तैयार रहने की जरूरत है।


Budget 2026 Expectations Live Updates

FICCI ने की इन 4 चीजों की वकालत

  • इंडस्ट्री बॉडी का सुझाव है कि अगर सरकार वित्त वर्ष 2027 के लिए रक्षा मंत्रालय के लिए कुल बजटीय सपोर्ट में लगभग 10% की वृद्धि बनाए रखती है, तो पूंजीगत खर्च का हिस्सा पहले के लगभग 26% से बढ़ाकर 30% किया जाना चाहिए। अतिरिक्त पूंजीगत खर्च से मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाने में मदद मिलेगी।
  • आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत, सरकार ने उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु राज्यों में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित करके डिफेंस के स्वदेशीकरण में अच्छी प्रगति की है। इस गति को और मजबूत करने की जरूरत है। FICCI ने पूर्वी भारत डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित करने की वकालत की है।
  • FICCI का मानना ​​है कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के लिए बजट एलोकेशन बढ़ाने की जरूरत है। पिछले बजट में एलोकेशन को 12.4% बढ़ाकर 26,816.82 करोड़ रुपये किया गया था। आने वाले बजट में DRDO के लिए कुल एलोकेशन को 10,000 करोड़ रुपये बढ़ाया जाना चाहिए।
  • बजट 2026 में रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। FICCI का सुझाव है कि सरकार एक डिफेंस एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (DEPC) स्थापित करने पर विचार करे।

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